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Post: वन विभाग के अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर किया, जंगल सफारी का रूटीन शुभारम्भ

वन विभाग के अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर किया, जंगल सफारी का रूटीन शुभारम्भ

मानसून सत्र में लंबे समय तक वन क्षेत्र में प्रवेश पर लगी रोक के बाद आज से पुनः वीटीआर खोल दिया गया है

जंगल सफारी की शुरुआत होते ही पर्यटकों का जत्था पहुंचा वाल्मीकिनगर

नंदलाल पटेल

–  अमिट लेख

वाल्मीकिनगर, (संवाददाता)। बिहार के इकलौते वीटीआर में आज से पर्यटन सेवाओं की भव्य शुरुआत की गई है। वन विभाग के अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर पर्यटकों के जत्था वाले जंगल सफ़ारी वाहनों को रवाना किया। देश के कई अलग अलग जगहों से आये पर्यटकों में काफ़ी ख़ुशी का माहौल है सैलानी वीटीआर के एडवेंचर स्पोर्ट्स देखकर बेहद आह्लादित हैं।

फोटो : नन्दलाल पटेल 

मानसून सत्र में लंबे समय तक वन क्षेत्र में प्रवेश पर लगी रोक के बाद आज से पुनः वीटीआर खोल दिया गया है जहां पहले ही दिन भारी संख्या में पहुँचे, पर्यटक सपरिवार कुदरत के मनोरम दृश्य व जंगल समेत वन जीवों का दीदार करने पहुँचे हैं। बता दे की वीटीआर में जंगल सफ़ारी समेत ठहरने घूमने की पर्यटकों बेहतर सुविधाएं मिलनी शुरू हो गई है। लिहाजा 4500 के पैकेज में ऑनलाईन बुकिंग कर सैलानी यहां के रमणीक नजारों का लुत्फ उठा रहे हैं।

छाया : अमिट लेख

वीटीआर में जंगल सफ़ारी के अलावा झूला पुल, मोटर बोट, राफ़्टिंग, साईकिल सफ़ारी, गण्डक सफ़ारी के साथ साथ प्रसिद्ध नरदेवी स्थान, जटाशंकर व कौलेश्वर मंदिर दर्शन स्थल हैं तो वहीं इसे से सटे नेपाल में महर्षि वाल्मीकि आश्रम व माता जानकी पाताल लोक व लव कुश की जन्मस्थली ऐतिहासिक धरोहर है जो नारायणी, तमसा व सोनभद्र के त्रिवेणी संगम तट पर स्थित धार्मिक अनुष्ठान के केंद्र हैं । वही वीटीआर में 54 के पार बाघों की संख्या के अलावा तेंदुआ, भालू, सांभर, चीतल, हिरण, गौर व मोर के साथ साथ अन्य दुर्लभ प्रजाति के वन्य प्राणियों से लबरेज़ नदी, पहाड़, झील व झरनों के बीच कुदरती दृश्यों का जीता जागता उदाहरण व बेस्ट व्यूज़ डेस्टिनेशन एक मात्र वीटीआर जंगल है ।बता दें कि नेपाल औऱ यूपी सीमा पर स्थित बिहार में इकलौता वाल्मीकि टाईगर रिज़र्व ऐसा बेहतर डेस्टिनेशन है जहां की खूबसूरती और अदभुत मनोरंजक दृश्य बेहद ख़ास हैं क्योंकि प्रकृति की गोद में खूबसूरत नजारों का दीदार करने व खुली हवाओं में सांस लेने हर साल लाखों पर्यटक देश विदेश से यहां आते हैं और बिहार के कश्मीर कहे जाने वाले वाल्मीकि नगर का मनोरम दृश्य देखकर खुशी का इजहार करते नहीं थकते हैं।

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