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Post: छपरा में वकील पिता-पुत्र हत्याकांड के गवाह पंकज राय की गोली मारकर हत्या

छपरा में वकील पिता-पुत्र हत्याकांड के गवाह पंकज राय की गोली मारकर हत्या

पटना से हमारे विशेष ब्यूरो की रिपोर्ट : 

हत्या के विरोध में, सड़क जाम कर आमजनों ने किया प्रदर्शन

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

– अमिट लेख

पटना, (दिवाकर पाण्डेय)। बिहार के छपरा जिले में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के चंचौरा पंचायत में पंकज कुमार राय नामक एक व्यक्ति की रविवार रात गोली मार कर हत्या कर दी गई। पंकज कुमार राय 2024 में वकील पिता-पुत्र हत्याकांड के गवाह थे। पंकज कुमार राय की हत्या के विरोध में सोमवार को स्थानीय लोगों ने शव के साथ सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका की जांच की मांग कर रहे थे। सड़क जाम के कारण छपरा-पटना मुख्य मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। मृतक के परिजनों ने बताया कि पंकज राय अपने भाई के साथ बगल के गांव में एक शादी समारोह से लौट रहे थे। इसी दौरान मेथवलिया चौक के पास दो-तीन बाइक पर सवार बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पंकज के सिर में गोली लगने से उसकी मौत हो गई, जबकि उसके भाई मनीष के कान के पास गोली लगी। स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां मनीष की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे पीएमसीएज रेफर कर दिया गया। जबकि पंकज को मृत घोषित कर दिया गया। घटना की सूचना मिलने पर एएसपी रामपुकार सिंह सदर समेत अन्य वरीय पुलिस पदाधिकारी अस्पताल पहुंचे। मृतक के परिजनों से पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद पुलिस ने संदिग्ध आरोपियों के घरों पर छापेमारी की। पुलिस की ओर से पूछताछ के लिए दो लोगों को हिरासत में लिया है और फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। गवाही प्रभावित करने के लिए घटना को दिया गया अंजाम पंकज और मनीष के परिजनों का आरोप है कि यह हत्या वर्ष 2024 में हुए चर्चित अधिवक्ता राम अयोध्या राय और उनके अधिवक्ता पुत्र सुनील कुमार राय की दोहरी हत्या से जुड़ी है। उनका कहना है कि 12 जून 2024 को जमीन विवाद को लेकर कोर्ट जाने के दौरान दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस मामले में पंकज कुमार राय और उनके पिता रामदेव राय महत्वपूर्ण गवाह थे तथा पंकज की अदालत में गवाही भी होनी थी। गवाही प्रभावित करने की नीयत से इस वारदात को अंजाम दिया है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और अभी आधिकारिक रूप से किसी कारण की पुष्टि नहीं की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी और वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान के लिए विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। टीम तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सभी पहलुओं की जांच कर रही है और लगातार छापेमारी की जा रही है।

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