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Post: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर जश्न

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर जश्न

रिपोर्ट : विशेष ब्यूरो पटना :

कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा- ‘झुकती है दुनिया झुकानेवाला चाहिए

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़ 

–  अमिट लेख

पटना, (दिवाकर पाण्डेय)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आते ही राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शन स्थल पर खुशी की लहर दौड़ गई। आंदोलन के प्रमुख चेहरे और कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंच से जैसे ही इस इस्तीफे का औपचारिक ऐलान किया, वहां मौजूद प्रदर्शनकारी जश्न मनाने लगे। लंबे समय से चल रहे इस आंदोलन में केंद्रीय मंत्री के पद छोड़ने को प्रदर्शनकारियों ने अपनी एकजुटता और संघर्ष की पहली बड़ी जीत के रूप में देखा। दीपके ने मंच से भीड़ को संबोधित करते हुए इसे लोकतंत्र और आम जनता की ताकत का परिणाम बताया। उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि अक्सर लोग यह दावा करते थे कि इस शासनकाल में मंत्री पद से इस्तीफे नहीं होते, लेकिन जनता के दृढ़ निश्चय ने इसे सच कर दिखाया है। उन्होंने मशहूर पंक्तियों का संदर्भ देते हुए कहा कि ‘झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए’ और यह घटना साबित करती है कि अगर लोग बिना डरे अपने अधिकारों के लिए खड़े रहें, तो सरकार को जनहित में फैसला लेना ही पड़ता है।
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक ने जोर देकर कहा कि यह इस्तीफा इस बात का स्पष्ट संदेश है कि लोकतंत्र में जनता से बढ़कर कोई ताकत नहीं होती। उन्होंने कहा कि नागरिकों को सरकार के सामने नतमस्तक होने या डरने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि संविधान ने हर नागरिक को अपनी बात रखने और सही मांग के लिए आवाज उठाने का अधिकार दिया है। उन्होंने आंदोलनकारियों का आभार जताते हुए कहा कि जनता का साहस ही किसी भी व्यवस्था को सही रास्ते पर ला सकता है। हालांकि, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के बावजूद\ आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका प्रदर्शन अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अभिजीत दीपके ने चेतावनी दी कि केंद्रीय मंत्री का इस्तीफा महज एक पड़ाव है और उनकी दो अन्य प्रमुख मांगें अभी भी अधूरी हैं। जब तक सरकार इन मांगों को स्वीकार नहीं कर लेती, तब तक वे पूरी तरह पीछे हटने वाले नहीं हैं और अपने अभियान को जारी रखेंगे। दीपके ने अपनी पहली मांग के तहत नीट (NEET) पेपर लीक मामले के कारण आत्महत्या करने वाले बेकसूर छात्रों के परिवारों को प्रति परिवार 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की बात कही। इसके साथ ही, उन्होंने अपनी दूसरी मांग रखते हुए कहा कि गत 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अनुचित बल प्रयोग करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी जन आंदोलन पर इस तरह का दबाव न बना सके।

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