रिपोर्ट : न्यूज़ ब्यूरो, बगहा डेस्क
रक्षा-सूत्र के साथ विश्वास और सुरक्षा का संदेश — सीमा प्रहरी और देशवासियों के बीच अटूट प्रेम व भाईचारे का प्रतीक बना रक्षाबंधन
इस अवसर पर सीमा जागरण मंच की ओर से क्राइस्ट मिशन स्कूल, हरनाटाड़ एवं सनफ्लावर स्कूल की छात्राओं, स्थानीय महिलाओं तथा ब्रह्माकुमारी संस्थान की बहनों ने वाहिनी प्रांगण में पहुँचकर SSB के वीर जवानों की कलाई पर राखी बांधी
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बगहा, (जगमोहन काजी)। SSB 21वीं वाहिनी, बगहा के प्रांगण में आज दिनांक 28.08.2026 को रक्षाबंधन का पावन पर्व कमांडेंट तापेश्वर संबित राउत के कुशल मार्गदर्शन एवं सक्रिय सहभागिता से बड़े ही हर्षोल्लास एवं भाईचारे के साथ मनाया गया।

इस अवसर पर सीमा जागरण मंच की ओर से क्राइस्ट मिशन स्कूल, हरनाटाड़ एवं सनफ्लावर स्कूल की छात्राओं, स्थानीय महिलाओं तथा ब्रह्माकुमारी संस्थान की बहनों ने वाहिनी प्रांगण में पहुँचकर SSB के वीर जवानों की कलाई पर राखी बांधी और उनके दीर्घायु, सुरक्षित जीवन व देश सेवा में सदैव अग्रसर रहने की कामना की। इस दौरान क्षेत्र के विशिष्ट अतिथिगण भी उपस्थित रहे और उन्होंने इस पावन पर्व पर जवानों के योगदान की सराहना की। छात्राओं एवं ब्रह्माकुमारी बहनों ने जवानों के प्रति सम्मान व स्नेह व्यक्त करते हुए देश की सुरक्षा में उनके अमूल्य योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।

इसी क्रम में सीमावर्ती क्षेत्रों के विद्यालयों की छात्राओं ने भी सीमा चौकियों पर तैनात SSB 21वीं वाहिनी के जवानों को राखी बांधकर अपना स्नेह एवं सम्मान प्रकट किया। छात्राओं ने जवानों के राष्ट्रसेवा के जज्बे को सलाम करते हुए उनकी लंबी उम्र एवं सुरक्षा की कामना की। इस अवसर पर जवानों ने भी छात्राओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने तथा देशहित में योगदान देने हेतु प्रेरित किया, जिससे सीमा क्षेत्र में सुरक्षा बलों एवं स्थानीय समुदाय के बीच आत्मीयता एवं बन्धुत्व का भाव और भी प्रगाढ़ हुआ। कमांडेंट महोदय ने सभी छात्राओं, शिक्षकों, स्थानीय महिलाओं, ब्रह्माकुमारीज बहनों एवं विशिष्ट अतिथिगण का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल एक त्योहार नहीं बल्कि विश्वास, प्रेम और सुरक्षा के अटूट बंधन का प्रतीक है। कार्यक्रम के समापन पर वाहिनी की ओर से सभी बहनों को मिठाइयाँ व उपहार वितरित किये गए।
सेवा | सुरक्षा | बन्धुत्व
SSB 21वीं वाहिनी, बगहा








