बगहा में दो अलग अलग जगहों पर विशालकाय मगरमच्छों का ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम के सहयोग से सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया है
न्यूज़ डेस्क, बगहा ब्यूरो
नसीम खान ‘क्या’
– अमिट लेख
बगहा, (जिला ब्यूरो)। बगहा में दो अलग अलग जगहों पर विशालकाय मगरमच्छों का ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम के सहयोग से सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया है। जिसके बाद दोनों मगरमच्छ सुरक्षित गंडक नदी में छोड़ दिये गए हैं। दरअसल, वीटीआर अंतर्गत गंडक नदी से बाहर निकलकर मगरमच्छ झुंड में इलाके के तालाबों व नहरों में डेरा डाले हुए हैं। लगातार रिहायशी इलाकों में वन्य प्राणियों की चहलकदमी से हड़कंप मचा हुआ है। इसी बीच इंडो नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मीकिनगर के चरघरिया गांव स्थित महेश गुप्ता के निजी पोखरा में मगरमच्छ लंबे समय से डेरा डाले लाखों की मछलियां चट कर गया था, जब किसान ने जाल बिछाकर मछलियों को पकड़ने की क़वायद शुरू कराया तो मछलियां तालाब से ग़ायब हो गईं थीं औऱ मगरमच्छ मछुआरों के जाल में फंस गया लिहाजा इसकी सूचना वन विभाग की टीम को दी गई और मौक़े पर पहुचीं वन कर्मियों की टीम ने फोरेस्टर सोनू कुमार के नेतृत्व में अन्य वनकर्मी आज़ाद,शंकर यादव,विजय कुमार,शशि कुमार ने मगरमच्छ को पकड़कर सुरक्षित नदी में छोड़ दिया। वहीं, दूसरी घटना रामपुर स्थित सुभाषनगर की है जहां छेदीलाल प्रसाद मुखिया व लौकरिया के किसान धनंजय सिंह के निजी तालाब में विगत 15 दिनों से डेरा जमाये मगरमच्छ ने लाखों रुपए की मछलियों को खा लिया है जिसके बाद उसे पकड़ने की क़वायद चल रही थी लेकिन पिछले सप्ताह मगरमच्छ मछुआरों की पकड़ से भाग गया लेकिन आज फ़िर किसान ने 3 हज़ार रुपये की ख़र्च पर बुलाये मछुआरों के ज़रिए जाल लगाकर मगरमच्छ को पकड़ने में सफलता हासिल किया है हालांकि इसकी सूचना लगातार वन विभाग को दी जा रही थी लेकिन घण्टों की मशक्कत के बाद ख़ुद ग्रामीणों ने मगरमच्छ का रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा कर उसे मदनपुर वन क्षेत्र की टीम के हवाले कर दिया जिसे नारायणी नदी में छोड़ दिया गया है। बतादें कि मगरमच्छों की भारी संख्या अपने देश में चंबल नदी के बाद गंडक दूसरी बड़ी नदी है जहां मगरमच्छों की तादाद में हुई बढ़ोतरी अब इलाके के लोगों के लिए मुसीबत खड़ी कर दिया है।








