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नाबालिग से छेड़खानी करने एवं दुष्कर्म के प्रयास के आरोप में जांच करने संरपच के घर पहुंची त्रिसदस्यीय टीम

पूर्व में अनुमंडलीय अस्पताल इलाज कराने गई पेट दर्द से परेशान एक 13 बर्षीय नबालिग छात्रा ने अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक पर जांच के दौरान छेड़खानी करने एवं दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाया गया था

न्यूज़ डेस्क, सुपौल ब्यूरो

संतोष कुमार, अनुमंडल ब्यूरो

–  अमिट लेख

त्रिवेणीगंज, (सुपौल)। पूर्व में अनुमंडलीय अस्पताल इलाज कराने गई पेट दर्द से परेशान एक 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा ने अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक पर जांच के दौरान छेड़खानी करने एवं दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाया गया था। उसके बाद सिविल सर्जन द्वारा गठित त्रि-सदस्यीय जांच टीम के द्वारा पुनः बुधवार को लतौना दक्षिण के सरपंच के घर पहुंचा।

फोटो : संतोष कुमार

जांच के दौरान टीम में शामिल डीआईओ डॉ. अजय कुमार झा ने बताया कि इससे पूर्व में लतौना दक्षिण पंचायत के कसहा गांव जाकर जांच की गई तो पीड़िता के घर का पता नही चलने पर सरपंच को निर्देश दिया गया था, पीड़िता की खोजबीन कर जानकारी उपलब्ध कराये। इसलिए आज पुनः कसहा गांव पहुंचकर पंचायत लतौना दक्षिण के सरपंच से संपर्क करने पर लिखित व मौखिक तौर से इस नाम का कोई पीड़िता इस पंचायत में नही है।

छाया : अमिट लेख

सबसे चौकाने वाली तथ्य यह है कि आखिरकार पीड़िता स्वंय अपने हस्त लिखित आवेदन देती है। पीड़िता के प्राप्त आवेदन के आलोक में आनन-फानन में सिविल सर्जन के द्वारा त्रिसदस्यीय जांच टीम का गठन होता है। जांच टीम के द्वारा जांच भी की जाती है फिर भी पीड़िता का पता नही चल पाना अपने आप एक बहुत बड़ा सवाल खड़ा करता है। कि पीड़िता को जमीन खा गई या आसमान निगल गया। विदित हो कि नबालिग छात्रा प्रखण्ड क्षेत्र के लतौना पंचायत के कसहा गांव की है। नाबालिग छात्रा की शिकायत के मुताबिक वह सरकारी स्कूल में नवम कक्षा में पढ़ती है। घर से कोचिंग के लिए नित्य दिन बाजार आती है । अचानक पेट में दर्द हो रहा था।

छाया : अमिट लेख

वह पेट चेक कराने के लिए बीते 15 सितंबर को आरोपी डॉक्टर के पास गई। आरोप है कि परीक्षण करने के दौरान आरोपी डॉक्टर ने पीड़िता के निजी अंगों के साथ छेड़छाड़ की। तब उसने किसी तरह से जान बचाकर भागी। डरी- सहमी नबालिग छात्रा ने घटना की जानकारी 10-11 दिन बाद परिजनों को दी। सबसे चौकाने वाली तथ्य यह भी है कि अनुमंडलीय अस्पताल त्रिवेणीगंज का प्रभारी उपाधीक्षक का जिम्मा एक ऐसे डॉक्टर को सिविल सर्जन ने दी है, जो लगातार विवादों में रहे हैं। जिसके दामन पर भ्रष्टाचार और पूर्व में एएनएम को बुलाने को लेकर सहित अश्लील वीडियो वारयल होने का दाग लगा हुआ है। डॉ. इंद्रदेव की पुरानी व वर्तमान करतूत को लेकर अस्पताल में कार्यरत एनएनएम सहित अन्य कर्मियों में खौफ देखने को मिल रहा है।

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