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Post: बिहार में जनता का सुन्दर राज लाए बिना चैन नहीं : प्रशांत किशोर

बिहार में जनता का सुन्दर राज लाए बिना चैन नहीं : प्रशांत किशोर

सीतामढ़ी से मधुबनी जिला में प्रवेश की पीके की पदयात्रा, कहा – मिथिला की पावन भूमि को नमन करने आया हूं

उमड़ी भीड़ ने किया ऐतिहासिक अभिनंदन

न्यूज़ डेस्क, पटना

–  अमिट लेख

पटना, (विशेष)। जन सुराज के प्रणेता प्रशांत किशोर की पदयात्रा जगत्जननी माता सीता की जन्मभूमि सीतामढ़ी जिले से निकलकर मिथिला की पावन भूमि मधुबनी जिले में प्रवेश कर गई है। कोकिल विद्यापति, अयाचि मिश्र, शंकर, मण्डन मिश्र, भारती देवी जैसे महान व्यक्तित्वों की इस मिथिला भूमि पर आज यह यात्रा सीतामढ़ी के चोरौत प्रखण्ड के साहरघाट दक्षिणी क्षेत्र के बसवरिया चौक के रास्ते मधुबनी जिले के मधवापुर प्रखण्ड के उत्तरा गांव में पहुंच गई है। जिला में प्रवेश के दौरान मधुबनी वासियों ने प्रशांत किशोर का अभूतपूर्व स्वागत किया। भीड़ ऐसी की सूई ससरने की जगह नहीं। क्या नेता, क्या कार्यकर्ता, क्या आम जनता। सभी उत्साह से भरे नारेबाजी करने में मशगूल थे। रास्ते में दर्जनों तोड़नद्वार बने थे तो जगह- जगह बैंड बाजा पर थिरकते युवाओं का उत्साहित हूजम। मानों हमारा उद्धारक इस भूमि पर आया हो। महिला – पुरुष, युवा – युवती, छात्र – छात्रा, बूढ़े – बुजुर्ग, हिन्दू – मुस्लिम, गरीब – अमीर, नेता – समाजसेवी, जनप्रतिनिधि यानी समाज का सभी वर्गों की भीड़ पदयात्रा के मार्ग पर फूल- मालाओं, चंदन – तिलक और आरती की थालियों से प्रशांत किशोर का अभिनन्दन करते दिख रहे थे। बहुतेरे ने मिथिला का प्रसिद्ध पाग और चादर ओढ़ाकर कर इस महात्मा का सम्मान करते नहीं थक रहे थे। कोकिल विद्यापति , अयाचि मिश्र, मण्डन मिश्र, भारती देवी, शंकर जैसे सरस्वती पुत्रों की इस ऐतिहासिक पवित्र धरती पर प्रशांत किशोर का आगमन सचमुच इतिहास रच गया। लोगों के प्यार, सम्मान और समर्थन से अभिभूत प्रशांत किशोर ने मधुबनी जिला के मधवापुर प्रखण्ड के उत्तरा गांव के हाईस्कूल के मैदान में महती जन सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस धरती के स्पर्श से ही मैं अभिभूत हूं। इस पावन भूमि को बारंबार नमन करता हूं। इस धरती ने दुनिया को धर्म,वेद,न्याय और संस्कृति का पाठ पढ़ाया है। उन्होंने मिथिला वासियों का आभार जताया और कहा कि आज आपके स्वागत से धन्य हूं। अपने संबोधन में प्रशांत किशोर ने कहा कि जबतक बिहार की बौराई सत्ता को आप जनता मालिकों के सहयोग से उखाड़ कर फेंक नहीं दूंगा तब-तक चैन की नींद नहीं सोऊंगा। मैं आप सभी जनता का आशीर्वाद लेने और आपकी समस्याओं को अपनी नज़र से देखने के लिए गांव गांव पैदल-पैदल चल रहा हूं। पिछले बत्तीस वर्षों से बिहार की सत्ता पर काबिज राजद-जदयू और भाजपा की सरकारों ने बिहार को रसातल में पहुंचा दिया है। इन सरकारों ने जानबूझकर शिक्षा व्यवस्था को धराशाई कर दिया है ताकि न कोई पढ़ें और न ही आगे बढ़े। बिहारियों को जात-धर्म में बांट दिया है और आप सभी को इसी बहकावे में लाकर बार बार वोट लेकर सत्ता में काबिज होता रहा है। बिहारियों को मजदूरी करने के लिए पलायन कर देश के दूसरे प्रदेशों में में रोज़ जाना पड़ रहा है। यहां उन सरकारों ने कोई फैक्ट्री तो नहीं खोली अलबत्ता बिहार को मजदूर बनाने की फैक्ट्री जरुर बना दिया है। उक्त जानकारी प्रदेश मुख्य प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय कुमार ठाकुर ने दी। उन्होंने बताया कि प्रशांत किशोर की इस महती जन सभा का स्थानीय मैथिली भाषा में संचालन अभिषेक नरेंद्र सिंह ने किया जबकि स्थानीय नेताओं में पूर्व आईपीएस अधिकारी व पूर्व डीजीपी होमगार्ड आर के मिश्रा, चम्पारण के संगठन प्रभारी और पूर्व आईएएस अधिकारी ए के द्विवेदी, मोतिहारी जिला अध्यक्ष वीर प्रसाद महतो, महासचिव जयमंगल कुशवाहा के अलावा अनेक स्थानीय नेताओं ने संबोधित किया। इन नेताओं ने प्रशांत किशोर को समाज को जोड़ने वाला मसीहा बताया और कहा कि एक सदी के बाद फ़िर से महात्मा गांधी का अवतरण जनता के सुन्दर राज की स्थापना हेतु प्रशांत किशोर के रूप में हुआ है।

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