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Post: कौन है रक्सौल नगर परिषद के 2.60 करोड़ निकालने वाला

कौन है रक्सौल नगर परिषद के 2.60 करोड़ निकालने वाला

कई नाम आया सामने , पुलिस गुप्‍त तरीके से कर रही जांच

अंकेक्षण को करनेवाली चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) की टीम ने जांच करने का काम किया शुरू

न्यूज़ डेस्क, पूर्वी चंपारण

दिवाकर पाण्डेय

-अमिट लेख

मोतिहारी (जिला ब्यूरो)। पूर्वी चम्पारण जिला के भारत नेपाल सीमा पर अवस्थित रक्सौल नगर परिषद में 23 नवंबर 2023 को हुई 2.60 करोड़ की अवैध निकासी की साजिश में कई लोगों के शामिल होने की आशंका है। पुलिस सभी कड़ियों को आपस में जोड़ रही है। पता लगाया जा रहा कि जिनका रक्सौल नगर परिषद से कोई लेना-देना नहीं है। उनके नाम पर इतनी बड़ी राशि का चालान कैसे तैयार किया गया। इसके पीछे किसका दिमाग काम कर रहा था। सबसे अहम यह कि नगर परिषद या नगर निगम के तहत होने वाले कार्यों में पूरे राज्य में वाउचर में दर्ज नाम के लोगों को काम नहीं मिला है, फिर उनके नाम से राशि कैसे जारी करने की तैयारी थी। यह सबकुछ किसके इशारे पर चल रहा था। कारण यह कि करोड़ों रुपयों के वारा न्यारा करने की तैयारी एक अकेला कंप्यूटर ऑपरेटर तो नहीं कर सकता। मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस द्वारा की जा रही जांच की जद में कई लोग हैं। सभी के नामों को गोपनीय रखते हुए पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।इसके लिए पुलिस ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अनुभूति श्रीवास्तव से जानकारी लेने के बाद उनसे पीएफएमएस से जुड़े सभी संबंधित कर्मियों के बारे में जानकारी प्राप्त की है। सूत्र बताते हैं कि पीएफएमएस के लॉगिन पासवर्ड को ऑपरेट करनेवालों के अलावा उन सभी लोगों के नाम, पता व सेलफोन आदि की जानकारी कार्यपालक पदाधिकारी ने पुलिस को दी है, जो नगर परिषद के सरकारी कंप्यूटर को चलाते हैं। जानकार बताते हैं कि पुलिस संबंधितों का सत्यापन करने के साथ-साथ उनके काल डिटेल के आधार पर नगर परिषद के सरकारी खाते से वाउटर तैयार करनेवाले कर्मी वाउचर का भुगतान जिनके नाम किया जाना था, उनका कनेक्शन खंगालने में लगी है। नगर परिषद के सरकारी खाते से करीब दो करोड़ 60 लाख से अधिक की राशि की अवैध निकासी का प्रयास नप के उस खाते से किया गया, जिसमें 15वें वित्त आयोग की राशि पड़ी थी। यह तब सामने आया जब 24 नवंबर को कार्यालय के प्रभारी प्रधान सहायक ने प्राथमिकी दर्ज करानेवाले कंप्यूटर ऑपरेटर अजीत कुमार से 15वें वित्त आयोग की शेष राशि के बारे में जानकारी मांगी। जानकार बताते हैं कि इस एक योजना की राशि की जांच की गई तो दो करोड़ 60 लाख से अधिक की राशि के निकासी की प्रयास का मामला सामने आया। ऐसे में अब नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी यहां के सभी खातों से लेनदेन की विस्तृत जांच कराने में लगे हैं। नगर परिषद से इतनी बड़ी निकासी के बाद नप प्रशासन किसी भी स्थिति में कोई रिस्क लेने के मुड में नहीं है। सूत्र बताते हैं कि एक खाते से इस बड़ी राशि की निकासी के प्रयास की बात सामने आने के बाद यहां के कार्यपालक पदाधिकारी अनुभूति श्रीवास्तव ने विभागीय स्तर पर कायम त्रैमासिक अंकेक्षण की व्यवस्था का तत्काल सहारा लिया है। इस अंकेक्षण को करनेवाली चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) की टीम ने काम शुरू कर दिया है। सभी खातों का विवरण निकाला जा रहा है। बताते हैं कि विभागीय स्तर पर त्रैमासिक ऑडिट की इस व्यवस्था के तहत की जा रही जांच के अलावा महालेखाकार से वर्ष 2016 से लेकर अबतक के आय-व्यय का अंकेक्षण कराने के लिए पत्र भेजा है। बता दें कि 26 नवंबर को नगर परिषद के कंप्यूटर ऑपरेटर अजीत कुमार ने कार्यालय के दूसरे ऑपरेटर आशीष कुमार के खिलाफ मोतिहारी साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस को दिए आवेदन में आईडी व पासवर्ड का गलत उपयोग कर सरकारी खाते से राशि निकासी की कोशिश करने का आरोप लगाया है। प्राथमिकी के बाद पुलिस ने जिन तीन लोगों के नाम चालान जेनरेट किया गया। उनमें से दो को गिरफ्तार किया है। अब पुलिस चालान तैयार करने वाले कर्मी आशीष के साथ-साथ उस तीसरे व्यक्ति की खोज कर रही है। जिसके नाम तीसरा चालान तैयार किया गया था।

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