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Post: धूमधाम से मना क्रिसमस, यीशु के गीतों से गूंजे लतौना मिशन के गिरजाघर

धूमधाम से मना क्रिसमस, यीशु के गीतों से गूंजे लतौना मिशन के गिरजाघर

24 दिसंबर की रात 12 बजे ही फूटने लगे पटाखे केक कटा

फादर ने कहा सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं

न्यूज़ डेस्क, जिला सुपौल 

संतोष कुमार, प्रभारी जिला ब्यूरो

–  अमिट लेख

त्रिवेणीगंज, (सुपौल)। प्रेम दया और विश्व में शांति का संदेश देने वाले प्रभु यीशु का जन्मदिन क्रिसमस ईसाई समुदाय द्वारा सोमवार को अनुमंडल क्षेत्र के लतौना मिशन, खोरिया व बलजोरा मिशन में धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रभु यीशु का जन्मोत्सव क्रिसमस को लेकर लोगों में उत्सवी माहौल है। गिरजाघरों को आकर्षित तरीके से सजाया गया है। गौशाले का निर्माण कर प्रभु यीशु के जन्म की झांकी और संगीत प्रस्तुत की गई। प्रभु ईशु के जन्मोत्सव को लेकर रविवार की शाम ऐतिहासिक लतौना मिशन स्थित गिरिजाघर में मिस्सा पूजा की गई व मध्य रात्रि प्रभु यीशु के जन्म को लेकर गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना सभा की गई। इस दौरान फादर ने प्रभु यीशु के जन्म का उद्देश्य बताया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने माता मरियम की चमत्कारिक तस्वीर के दर्शन कर परिवार की सलामती की दुआ की। इस दौरान फादर विंसेंट डी पॉल,फादर डेविड ने प्रभु यीशु के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सत्य परेशान हो सकता है। लेकिन पराजित नहीं हो सकता। फादर ने कहा कि जिस प्रकाश प्रभु यीशु ने सबसे प्यार किया। ऐसे ही हमें एक-दूसरे से प्यार करना चाहिए। क्रिसमस प्यार का त्योहार है। मौके पर अन्य पुरोहित व ईसाई समुदाय के श्रद्धालु उपस्थित थे। प्रभु यीशु के जन्म के बाद गिरजाघर में लगे घण्टे और घड़ियाल व पटाखे छूटने लगे। माहौल उत्सवी हो उठा प्रभु यीशु के जन्म के साथ विशेषकर ईसाइयों में हर्ष है। सोमवार की सुबह गिरजाघरों में विशेष पूजा की गई। लतौना मिशन स्थित डेढ़ सौ साल पुरानी गिरजाघर प्रभु यीशु के दर्शन हेतु लोगों का तांता लगा रहा । काफी संख्या में लोगों ने यीशु मसीह के जन्मदिवस पर मौजूद मेला व कार्यक्रम का आनंद लिया , जिसमें सांता क्लाज तथा क्रिसमस ट्री आकर्षण का केंद्र रहे। मालूम हो कि प्रभु यीशु का जन्मदिवस क्रिसमस डे के रूप में मनाया जाता है। वही ईसाई समाज के लोगों नें गिरजाघर और अपने घरों को रंगबिरंगी झालरों से आकर्षक ढंग से सजाया था। सोमवार को चर्च में बड़ी तादात में लोग एकत्र हुए। केक काटकर प्रभु यीशु को याद किया और एक दूसरे को केक खिलाकर क्रिसमस की बधाइयां दीं। गिरिजाघर व अन्य स्थानों पर प्रभु यीशु के जन्म को दर्शाती झांकियां भी सजाई गई थीं। बच्चों सहित महिलाओं और बड़े बुजुर्गो का उत्साह के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए। चर्च में क्रिसमस का जश्न मनाने के व्यापक तैयारी की गई थी। रंग बिरंगी रोशनी झडे चरनी और क्रिसमस ट्री को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। गिरजाघर में कैरोल गीत गूंजे। पूरे दिन लोगों को क्रिसमस की बधाइयां देते देखा गया। यही नहीं ईसाई समुदाय के लोगों ने अपने संबंधियों व मित्रों को फोन के माध्यम से क्रिसमस की बधाई दी। वहीं त्योहार को लेकर चर्च और स्कूलों में सजी लाइटें मनमोह रही थीं। गिरजाघर परिसर में श्रद्धालुओं की जनसैलाब देखने को मिली। अन्य समुदाय के लोग भी हुए शामिल क्रिश्चयन समुदाय के अलावा दूसरे धर्म के लोगों ने भी काफी संख्या में प्रार्थना सभाओं में हिस्सा लेकर एक-दूसरे को क्रिसमस की मुबारकबाद दी। हर ओर पर्व का उत्साह देखते ही बनता है। खासकर बच्चे खूब मौज मस्ती करते दिख रहे हैं। जश्न की शुरुआत तो कुछ दिन पहले ही हो गई थी लेकिन क्रिसमस की पूर्व संध्या से लेकर सोमवार का शाम तक यह सिलसिला चलता रहा। वही सुरक्षा व्यवस्था की भी पुख्ता इंतजाम थे, वही मेले में कही किसी तरह की बात न हो उसके पुलिस बल की भी तैनाती थी।

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