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Post: परमात्मा से जुड़कर ही उनके सारे खजाने प्राप्त कर सकते हैं

परमात्मा से जुड़कर ही उनके सारे खजाने प्राप्त कर सकते हैं

विपत्ति में सच्चा सहायक एक परमात्मा :  ब्रह्माकुमारी पूनम

रियल शांति, प्रेम ,आनंद की प्राप्ति परमात्मा से जुड़कर ही मिलेगी : ब्रह्माकुमारी पूनम

(आनंद उत्सव)

न्यूज़ डेस्क, जिला पश्चिम चंपारण

–  अमिट लेख

बेतिया, (मोहन सिंह)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय संत घाट” प्रभु उपवन भवन”के द्वारा बेतिया के महाराजा स्टेडियम में चल रहे नौ दिवसीय निशुल्क अलविदा तनाव शिविर के चौथे दिन।

फोटो : मोहन सिंह

आनंद उत्सव सत्र में इंदौर से पधारी प्रख्यात तनाव मुक्ति विशेषज्ञा ब्रह्माकुमारी पूनम बहन जी ने मानव जीवन में परमात्मा की आवश्यकता का वर्णन करते हुए कहा कि हर एक को जीवन में विपत्ति के समय सच्चा सहारा, सर्व संबंधों का प्यार, सात्विक आनंद ,सुरक्षा का अनुभव चाहिए। यह सब हम आत्माओं को परमात्मा से जुड़ने पर ही मिलता है। विपरीत परिस्थितियों में सच्चा सहायक परमात्मा ही है।

छाया : अमिट लेख

यदि हमने उस सर्वे संबंध जोड़ा है, तो इसके लिए परमात्मा पिता का सत्य परिचय चाहिए। जब परमात्मा के बारे में बहुत सी मते हो जाती है, तो वे स्वयं आकर अपना सत्य परिचय देते हैं। परमात्मा व अन्य मनुष्य आत्माओं की विभिन्न बिंदुओं द्वारा तुलना कर स्पष्ट करते हुए उन्होंने बताया कि (1) परमात्मा अजन्मा है। आत्मा जन्म- मरण के चक्कर में आती है। परमात्मा अवतरित होते हैं उनका पंच तत्वों का शरीर नहीं है वे परकाया प्रवेश करते हैं। वे सर्वशक्तिमान है, आत्मा की शक्तियां ऊपर नीचे होती रहती है।

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(2) सर्वोच्च (सुप्रीम) परमात्मा पालनहार है। उन्हें पालना नहीं लेना पड़ता। उनका कोई शिक्षक नहीं है, वे परमशिक्षक, परम सतगुरु है वे ज्ञान के सागर है। उनका कोई गुरु नहीं है। (3) रियल- संपत्ति, साधन, संबंधों से वास्तविक सुख -शांति नहीं मिलती। एक परमात्मा से कनेक्ट होने से ही रियल शांति प्रेम आनंद मिलता है। (4) दाता- एक परमात्मा को ही शांति दाता शक्ति दाता कहा जाता है। वे बिना अपेक्षा के देते हैं व गरीब अमीर सबको देते हैं। आत्माओं की लिमिट होती है अपेक्षा होती है।

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( 5) सागर- परमात्मा शांति, प्रेम आनंद, करुणा, शक्ति के सागर है हम उनसे रिश्ता जोड़ कर लेते हैं। (6) सर्वमान्य- परमात्मा वो जिसे सर्व धर्म वाले माने ईसाई धर्म में क्राइस्ट ने गॉड इज लाइट (प्रकाश) कहा। सिख धर्म में गुरु नानक ने एक ओंकार सतनाम एक नूर ज्योति से सब जग उपजा कहा मुस्लिम भाई नूर ए इलाही कहते हैं व ज्योति स्वरूप की प्रतीक पत्थर संगे अवसद को मक्का में चुमते हैं। गौतम बुद्ध को भी ज्योति पुंज का साक्षात्कार हुआ। हिंदू धर्म में 12 ज्योतिर्लिंग मंदिर ज्योतिस्वरूप परमात्मा की ही यादगार है। जैसी आत्मा सफेद बिंदी है, पॉइंट ऑफ लाइट है ऐसे ही आत्मा के पिता परमात्मा भी बिंदी है। उन्होंने वीडियो की दृश्य द्वारा परमात्मा की लाइट माईट स्वरूप को दिखाया और योग अनुभूति करते हुए उनसे शक्तियां लेने का अनुभव भी कराया। उन्होंने आगे बताया कि परमात्मा बिंदी है।

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इसलिए उन्हें शिव कहा जाता है। शिव माना बीज, बिंदी कल्याणकारी, सत्यम शिवम सुंदरम परमात्मा से भक्ति मार्ग जैसा मांगना नहीं है। वे, हम आत्माओं के पिता है हम उनके बच्चे हैं तो उनकी सारी संपत्ति के हम वारिस यानि मालिक हो गए। प्रेम से हम उन्हें शिव बाबा कहते हैं। लेकिन मेडिटेशन के माध्यम से उनसे संबंध जोड़ना होगा। ब्रह्माकुमारी पूनम बहन जी ने आज का स्पिरिचुअल इंजेक्शन (मंत्र) दिया कि-सर्वशक्तिमान हजार भुजाओं वाला भगवान मेरा साथी है। स्वयं भगवान मेरे मददगार है और इसे विश्वास पूर्वक अनुभव करते हुए बार-बार लिखकर अभ्यास करने के लिए कहा। इससे अद्भुत अनुभव होते हैं उनके साथ का अनुभव करते हुए लिखें-मैं बहुत सुखी हूं, मैं निर्भय हूं, सफलता मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है, मैं टेंशन फ्री हूं, मेरे साथ सब कुछ अच्छा हो रहा है व अच्छा ही होगा तो जैसा आप सोचेंगे वैसा ही होने लगेगा।

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फिर उन्होंने आत्मा व परमात्मा की बातचीत व मंगल मिलन कर शक्ति, शांति के खजाने प्राप्त करने की अनुभूति मेडिटेशन कमेंट्री द्वारा कराई अंत में आनंद उत्सव मनाया गया। जिसमें खुश होकर गा रहा है….. गीत पर गहन परमात्म मिलन का अनुभव करते हुए पुष्प वर्षा की गई तत्पश्चात आज आनंद का दिन आया रे….. गीत पर गोप गोपी बने युवाओं का डांस हुआ उसके बाद कान्हा रे थोड़ा सा प्यार दे….. गीत पर सभी शहर निवासियों ने भी राज किया। जिससे सभी को परमात्म आनंद का सुंदर अनुभव हुआ कल सुखी जीवन की रहस्य विषय पर टिप्स दिए जाएंगे व “परिवर्तन उत्सव” (आध्यात्मिक दिवाली) मनाई जायेगी। शिविर का लाभ हजारों शहर वासी बहुत ही उमंग उत्साह से ले रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में बेतिया के सांसद संजय जयसवाल, ब्रह्माकुमारी पूनम दीदी जी, अंजना दीदी जी, गोरखपुर से बेला बहन, नारायण भाई, मुजफ्फरपुर से सी. ए प्रफुल्ल भाई जी दीप प्रज्वलित किऐ। सांसद संजय जयसवाल जी ने कहा आप सब की उपस्थिति यह दर्शा रही है। कि आप इस कार्यक्रम से कितने खुश है मैं भी इस एक घंटा के कार्यक्रम से काफी लाभान्वित हुआ। वाकई बहुत सुंदर सत्र आप सबको तनाव से दूर रखेगा और सभी को इस कार्यक्रम का लाभ लेने के लिए उन्होंने आवाहन किया। मारवाड़ी महिला मोर्चा की अध्यक्ष सीमा माधवगढ़िया और उनके ग्रुप के मेंबर दीदी जी को साल ओठाकर सम्मानित किया।

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