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व्हीलचेयर डोनेशन ड्राइव : “नई शुरुआत” के साथ सेंट माइकल्स का मानवीय पहल

पटना से हमारे विशेष संवाददाता दिवाकर पाण्डेय की रिपोर्ट :

प्राचार्य फादर ए. क्रिस्टु सवारिराजन एस.जे. के मार्गदर्शन में सेवा और संवेदना का प्रेरक उदाहरण

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

– अमिट लेख

पटना, (12 फरवरी 2026)। सेंट माइकल्स हाई स्कूल, दीघा घाट, पटना ने समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को साकार करते हुए 12 फरवरी 2026 को “व्हीलचेयर डोनेशन ड्राइव – ए न्यू स्टार्ट” का सफल आयोजन किया। यह मानवीय पहल विद्यालय के प्राचार्य फादर ए. क्रिस्टु सवारिराजन एस.जे. के प्रेरणादायी नेतृत्व और सतत मार्गदर्शन में संपन्न हुई। मदर टेरेसा के शब्द— “हम सभी बड़े काम नहीं कर सकते, लेकिन छोटे कामों को बड़े प्रेम से कर सकते हैं”—को आत्मसात करते हुए विद्यालय परिवार ने सेवा, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।

इस अभियान का संचालन सोशल इनिशिएटिव क्लब के शिक्षक-प्रभारी श्री एस. पी. जोस, श्रीमती कृतिका एवं श्री पंकज सिंह के समन्वय में किया गया। क्लब के पदाधिकारियों— परोक्श रंजन बोस (अध्यक्ष), आशीष रंजन (सचिव), वैष्णवी सिन्हा (कोषाध्यक्ष), अलीशबा नासिर एवं अविका श्री (संयुक्त सचिव) तथा संकल्प कुमार (संयुक्त कोषाध्यक्ष)—ने विद्यार्थियों को पूरे उत्साह और समर्पण के साथ इस अभियान से जोड़े रखा। इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद एवं दिव्यांगजनों को गतिशीलता प्रदान कर उनके जीवन में नई आशा का संचार करना था। विद्यालय द्वारा कुल पांच वयस्क ट्राइसाइकिल (2 मैनुअल एवं 3 इलेक्ट्रिकल) वितरित की गईं।

फोटो : अमिट लेख

लाभार्थियों में शामिल थे, सोनू कुमार, बसीर अहमद, विजय साव एवं सुखल राम। विद्यार्थियों ने स्वैच्छिक सहयोग के माध्यम से तथा अपने घरों एवं आसपास से पुराने समाचार पत्र एकत्र कर इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई। इन प्रयासों से विद्यालय ने कुल दो लाख रुपये की राशि एकत्र की, जिससे उच्च गुणवत्ता की ट्राइसाइकिल खरीदी गईं, ताकि लाभार्थियों को दीर्घकालीन सुविधा मिल सके। प्राचार्य फादर ए. क्रिस्टु सवारिराजन एस.जे. ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशीलता और सेवा-भाव विकसित करना भी उसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है। उन्होंने विद्यार्थियों की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रयास ही विद्यालय के आदर्श वाक्य “For God and Country” को सार्थक करते हैं। यह आयोजन केवल भौतिक सहायता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह आशा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का संदेश देने वाला प्रेरक अवसर बन गया। सेंट माइकल्स परिवार के लिए यह एक गौरवपूर्ण और स्मरणीय उपलब्धि है।

अंत में मदर टेरेसा के शब्द फिर सजीव हो उठते हैं :

“हम कितना देते हैं यह महत्वपूर्ण नहीं, बल्कि देने में कितना प्रेम है, यही सबसे अधिक मायने रखता है।”

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