छपरा से उप-संपादक का संकलन :
मौके पर मौत, इकलौता बेटा था परिवार का सहारा, ट्रक जब्त
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
संवाददाता
– अमिट लेख
एकमा, (सारण)। जिले के रसूलपुर थाना क्षेत्र में सोमवार की सुबह एकमा–पचरुखिया-लालपुर–नचाप ग्रामीण सड़क पर गौसपुर गांव के समीप भोला मोड़ और देकुली गांव के बीच बालू लदे ट्रक की टक्कर से एक साइकिल सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे के बाद चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलने पर पहुंची रसूलपुर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, छपरा भेज दिया। मृतक की पहचान मांझी थाना क्षेत्र के नचाप गांव निवासी शमसुद्दीन मियां के 25 वर्षीय पुत्र सद्दाम हुसैन अंसारी के रूप में हुई है।

बताया जाता है कि सद्दाम हुसैन नचाप गांव में गुमटी में किराना दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। परिजनों ने बताया कि सोमवार की सुबह करीब 8:15 बजे वह साइकिल से एकमा बाजार अपनी दुकान के लिए सामान खरीदने जा रहा था।

इसी दौरान एकमा–पचरुखिया-गौसपुर–लालपुर–नचाप ग्रामीण सड़क पर गौसपुर गांव के समीप भोला मोड़ और देकुली गांव के बीच देकुली की ओर जा रहे बालू लदे अनियंत्रित ट्रक ने साइकिल सवार को सामने से टक्कर मार दी। दुर्घटना में ट्रक का पहिया युवक के सिर पर चढ़ जाने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची रसूलपुर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की और परिजनों व चौकीदार के माध्यम से पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, छपरा भेज दिया। दुर्घटना की खबर मिलते ही मृतक के परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।

घटनास्थल पर मृतक की मां हुस्न तारा दहाड़ मारकर रोती रहीं और बार-बार बेहोश होकर जमीन पर गिर जाती थीं। पिता शमसुद्दीन मियां भी देकुली मंदिर परिसर में विलाप करते नजर आए। मौके पर रसूलपुर थानाध्यक्ष राहुल कुमार श्रीवास्तव, भजौना-नचाप पंचायत के मुखिया परमेंद्र कुमार सिंह उर्फ मनीष कुमार सिंह, भाजपा नेता मुकेश कुमार सिंह,

पूर्व प्रमुख प्रतिनिधि लुकमान अंसारी, आमडाढ़ी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि भरत सिंह, रवि शेखर सिंह, धनंजय सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप कुमार सिंह, राजू सिंह समेत आसपास के गांवों के अन्य लोग पहुंचे और शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया। सभी ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। बताया गया है कि इंटरमीडिएट पास सद्दाम हुसैन अपने बुजुर्ग माता-पिता का इकलौता पुत्र था और उसी के सहारे परिवार का गुजारा चलता था। उसकी दो बहनों में एक की शादी हो चुकी है, जबकि दूसरी अविवाहित है। जिससे परिवार के भरण-पोषण व आर्थिक संकट की समस्या उत्पन्न हो गई है।








