बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :
प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आह्वान, किसानों में हुआ उत्साह का संचार
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। पश्चिम चम्पारण जिले में इन दिनों धान की रोपनी का कार्य पूरे उत्साह और तेज गति से चल रहा है। खेतों में किसानों की व्यस्तता और हरियाली की तैयारियों के बीच कृषि विभाग भी किसानों के साथ कदम से कदम मिलाकर उनकी समस्याओं के समाधान एवं आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रसार में जुटा हुआ है।

इसी क्रम में जिला कृषि पदाधिकारी सरफराज असगर ने बगहा-2 प्रखंड के विभिन्न पंचायत क्षेत्रों का भ्रमण किया तथा किसानों के बीच पहुंचकर धान रोपनी कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं खेत में उतरकर किसानों के साथ धान रोपनी में भाग लिया, जिससे किसानों में उत्साह का संचार हुआ।

किसानों ने भी जिला कृषि पदाधिकारी का खेत में स्वागत करते हुए अपनी कृषि संबंधी समस्याओं, अनुभवों एवं सुझावों को साझा किया। क्षेत्र भ्रमण के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों से सीधे संवाद स्थापित कर वर्तमान कृषि परिदृश्य, मौसम की स्थिति तथा धान की बेहतर पैदावार के लिए अपनाई जाने वाली वैज्ञानिक विधियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने किसानों को बताया कि कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना तथा खेती को अधिक लाभकारी बनाना है। उन्होंने किसानों से विभागीय योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की। जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है, जबकि प्राकृतिक खेती न केवल भूमि की गुणवत्ता को बनाए रखती है बल्कि उत्पादन लागत को भी कम करती है। उन्होंने किसानों को गोबर, जीवामृत, घनजीवामृत एवं अन्य जैविक संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा पर्यावरण अनुकूल खेती की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से उत्पादित कृषि उपज की बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है और इससे किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त होने की संभावना रहती है। साथ ही यह खेती मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। भ्रमण के दौरान किसानों ने कृषि विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अधिकारियों का खेतों तक पहुंचना और सीधे किसानों से संवाद करना उनके लिए काफी लाभदायक साबित हो रहा है। किसानों ने विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं तकनीकी मार्गदर्शन के लिए जिला कृषि पदाधिकारी का आभार व्यक्त किया। जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम आधारित कृषि सलाह का पालन करें, प्रमाणित बीजों का उपयोग करें तथा विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि जिले में कृषि उत्पादन और किसानों की आय में निरंतर वृद्धि हो सके।








