महराजगंज से हमारे जिला ब्यूरो की रिपोर्ट :
इस अवसर पर महराजगंज समेत आसपास के कई जनपदों तथा पड़ोसी मित्र राष्ट्र नेपाल से भी बड़ी संख्या में जायरीन और अकीदतमंद पहुंचे
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
महराजगंज, (तैयब अली चिश्ती)। जनपद के थाना परसा मलिक क्षेत्र अंतर्गत मरजादपुर सिवान स्थित खानकाह मुजिबिया से सातवीं मोहर्रम के अवसर पर भव्य जुलूस निकाला गया।

जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया। चादर और गागर के साथ निकले इस जुलूस में श्रद्धालुओं ने हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद करते हुए उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश की। कार्यक्रम में आयोजित कव्वाली महफिल ने पूरे माहौल को रूहानियत से भर दिया। कव्वाल तैमूर अली चिश्ती ने अपने कलामों के माध्यम से मोहब्बत, भाईचारे, इंसानियत और इमाम हुसैन की शहादत का संदेश दिया।

इस अवसर पर महराजगंज समेत आसपास के कई जनपदों तथा पड़ोसी मित्र राष्ट्र नेपाल से भी बड़ी संख्या में जायरीन और अकीदतमंद पहुंचे। खानकाह मुजिबिया के सज्जादानशीन एवं खादिम सूफी बाबा मुजीबुर्रहमान शाह राश्दी की सरपरस्ती में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने लोगों को आपसी भाईचारा, प्रेम, सहिष्णुता और मानवता के रास्ते पर चलने का संदेश दिया। बाबा मुजीबुर्रहमान शाह ने कहा कि मोहर्रम केवल मातम का नहीं बल्कि सच्चाई, इंसाफ, सब्र और कुर्बानी के संदेश को अपने जीवन में उतारने का पर्व है।
उन्होंने युवाओं से नशा, बुराइयों और सामाजिक कुरीतियों से दूर रहकर शिक्षा और नेक कार्यों की ओर बढ़ने की अपील की। बाबा ने देश की एकता, अखंडता और समाज में अमन-चैन कायम रहने की दुआ भी कराई। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर थाना अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह के नेतृत्व में थाना परसा मलिक की पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। जुलूस मार्ग और कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। थाना अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह स्वयं लगातार सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे और पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे। उनकी देखरेख में पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने और आपसी सद्भाव के साथ पर्व मनाने की अपील भी की। कार्यक्रम के अंत में जायरीन ने खानकाह में हाजिरी देकर मुल्क की तरक्की, खुशहाली, अमन-चैन तथा इंसानियत की भलाई के लिए विशेष दुआएं मांगीं। देर रात तक चले इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धा, आस्था और भाईचारे की मिसाल देखने को मिली।








