बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :
जिला पंचायती राज पदाधिकारी सौरभ आलोक ने बताया कि पंचायत विकास दिवस का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायतों में जनभागीदारी को बढ़ावा देना तथा पंचायतों को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं सशक्त बनाना है
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। पंचायतों के निर्वाचित सदस्यों, ग्राम सभा के सदस्यों, महिलाओं, युवाओं एवं अन्य हितधारकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा उनके बीच विकास संबंधी मुद्दों पर सार्थक संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से आज पश्चिम चम्पारण जिले की सभी 303 ग्राम पंचायतों में पंचायत विकास दिवस का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम पंचायत सरकार भवन, पंचायत भवन, विद्यालय एवं सामुदायिक भवनों में पूर्वाह्न 10:00 बजे से 12:00 बजे तक आयोजित हुआ। कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायतों में संचालित विकास योजनाओं की समीक्षा की गई तथा ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही ई-ग्राम स्वराज, ई-पंचायत एवं अन्य ऑनलाइन पोर्टलों पर दर्ज योजनाओं, पंचायत की आय-व्यय, आगामी विकास कार्यों तथा पंचायत की आय के स्रोतों में वृद्धि के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस अवसर पर ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, जीविका दीदियों, आशा कार्यकर्ताओं एवं अन्य हितधारकों से विकास संबंधी सुझाव एवं आकांक्षाएं प्राप्त की गईं। इन सुझावों की सूची तैयार कर निश्चय पोर्टल पर अपलोड की जा रही है, ताकि संबंधित विभागों के माध्यम से उनका समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके। जिला पंचायती राज पदाधिकारी सौरभ आलोक ने बताया कि पंचायत विकास दिवस का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायतों में जनभागीदारी को बढ़ावा देना तथा पंचायतों को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम ग्रामीणों को विकास प्रक्रिया से सीधे जोड़ने का प्रभावी मंच उपलब्ध कराता है। इससे पंचायत स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के साथ-साथ ग्रामीणों की अपेक्षाओं और आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर शामिल करने में सहायता मिलती है। उन्होंने बताया कि पश्चिम चम्पारण जिले की सभी 303 ग्राम पंचायतों में पंचायत विकास दिवस का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों, महिलाओं, युवाओं एवं ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही, जो ग्राम स्वराज की अवधारणा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।








