बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :
खेत मजदूरों के हक की लड़ाई होगी तेज़ :
बलिराम भवन में बड़ा निर्णय, मजदूर हितों को लेकर सड़क से सदन तक लड़ाई का ऐलान
पश्चिम चम्पारण में खेत मजदूर यूनियन को मजबूत बनाने का अभियान शुरू, गांव-गांव होंगी बैठकें
खेत मजदूरों की लड़ाई होगी और तेज, पश्चिम चम्पारण से सरकार को चेतावनी
पटना विधानसभा मार्च के लिए पश्चिम चम्पारण से उठेगा मजदूरों का सैलाब, 1000 खेत मजदूरों को ले जाने का फैसला
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। बिहार राज्य खेत मजदूर यूनियन, पश्चिम चम्पारण जिला कमिटी की महत्वपूर्ण बैठक बलिराम भवन के सभागार में जिला अध्यक्ष राजेन्द्र साह की अध्यक्षता में संपन्न हुई।

बैठक की शुरुआत जिले के चर्चित खेत मजदूर नेता स्वर्गीय बांके बैठा की पत्नी के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। बैठक में जिले में खेत मजदूर यूनियन को और अधिक मजबूत एवं व्यापक बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही आगामी 15 जुलाई को पटना में आयोजित विधानसभा मार्च को सफल बनाने के लिए पश्चिम चम्पारण से 1000 खेत मजदूरों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया।

इसके लिए विभिन्न अंचलों एवं शाखाओं में लगातार बैठकों और जनसंपर्क अभियान चलाने की रणनीति बनाई गई। यूनियन नेताओं ने प्रवासी मजदूरों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रवासी मजदूरों के निबंधन (रजिस्ट्रेशन) की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए श्रम विभाग कार्यालय के समक्ष आंदोलन किया जाएगा, ताकि मजदूरों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिल सके।
बैठक को संबोधित करते हुए भाकपा जिला सचिव ओम प्रकाश क्रांति ने जिले के खेत मजदूरों की दयनीय स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि खेत मजदूरों को स्थायी रूप से बसाने, उनके जीवन स्तर में सुधार लाने तथा रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने मनरेगा योजना में हो रही अनियमितताओं और छेड़छाड़ पर भी सवाल उठाते हुए इसे तत्काल बंद करने की मांग की। साथ ही मनरेगा के तहत मजदूरों को 200 दिनों के रोजगार की गारंटी देने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।
बैठक में जिला सचिव सुबोध मुखिया, अच्छे लाल सहनी, बीरन यादव, पीताम्बर शर्मा, शिवनाथ पटेल, धुरी साह, संगीता देवी, रामदेव राम, राबड़ी देवी, शोभा देवी, अजय सहनी एवं रेणु देवी समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक में मजदूरों के अधिकारों, रोजगार सुरक्षा और संगठन विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।








