रिपोर्ट : विशेष ब्यूरो पटना
समर्थकों ने जमकर काटा बवाल
हमलावरों ने सांसद पप्पू यादव पर चाकू से वार करने का प्रयास किया और उन पर चप्पलें भी फेंकी
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
पटना, (दिवाकर पाण्डेय)। बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव पर जानलेवा हमले की एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक आयोजन के दौरान कुछ अज्ञात असामाजिक तत्वों ने सांसद पर अचानक हमला कर दिया। हमलावरों ने सांसद पप्पू यादव पर चाकू से वार करने का प्रयास किया और उन पर चप्पलें भी फेंकी। इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के समय मौजूद सांसद के एक प्रत्यक्षदर्शी समर्थक ने बताया कि पप्पू यादव एक जगह बैठकर मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उसी दौरान तीन से चार संदिग्ध लोग अचानक वहां पहुंचे और उन्होंने सीधे चाकू से सांसद पर हमला बोल दिया। सांसद को बचाने के लिए आगे आए समर्थक की उंगली चाकू की धार से कट गई। समर्थक के अनुसार, हमलावरों के अचानक हमले से वहां भगदड़ मच गई और लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे, जिससे भारी हंगामा खड़ा हो गया। हमले के बाद सांसद पप्पू यादव ने बेहद भावुक और कड़ा बयान जारी किया। उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “मैंने कभी सनातन धर्म का अपमान नहीं किया है।” इसके साथ ही उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए स्थानीय लोगों का आभार जताते हुए कहा, “अगर आज वहां आम जनता मौजूद नहीं होती, तो शायद मेरी जान चली जाती और आज हम जिंदा नहीं बचते।” इस बयान के बाद उनके समर्थकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। घटना के तुरंत बाद सांसद के मीडिया सलाहकार ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन पर सुरक्षा में भारी चूक का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि सांसद की सुरक्षा को लेकर बार-बार ध्यान दिलाए जाने के बावजूद लापरवाही बरती गई। मीडिया सलाहकार का यह भी आरोप है कि घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची जरूर, लेकिन वह हमलावरों को अपने साथ ले गई और मामले में ढिलाई बरतने की कोशिश की जा रही है। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव का माहौल है और पप्पू यादव के समर्थकों में गहरा रोष व्याप्त है। हालांकि पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए मौके पर अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।प्रशासनिक स्तर पर पुलिस जांच और आधिकारिक बयान आने के बाद ही इस हमले के पीछे की मुख्य वजहों और हमलावरों की सही पहचान स्पष्ट हो सकेगी।








