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Post: पश्चिम चंपारण में पंचायत सचिव ₹15 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

पश्चिम चंपारण में पंचायत सचिव ₹15 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

बेतिया ब्रेकिंग : उप-संपादक, बेतिया

आरोप है कि पंचायत सचिव शंकर प्रसाद लंबित बिल का भुगतान कराने तथा माप पुस्तिका (एमबी) से संबंधित फाइल आगे बढ़ाने के एवज में ₹28 हजार रिश्वत की मांग कर रहे थे

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

–  अमिट लेख

बेतिया, (मोहन सिंह)। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) की टीम ने बुधवार को पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज प्रखंड की डुमरिया पंचायत के पंचायत सचिव शंकर प्रसाद को ₹15 हजार रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) कृपाल चंद्र जयसवाल के नेतृत्व में की गई। डीएसपी कृपाल चंद्र जयसवाल ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि परवेज कौसर, जो मलदहिया के कंप्लेनेंट हैं, उन्होंने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में 27 तारीख को आवेदन दिया था कि इनका ठेकेदारी का पैसा का फंसा हुआ बिल निकालने के लिए पंचायत सचिव श्री शंकर प्रसाद घूस की मांग कर रहे हैं और काफी दिन से पैसा नहीं दे रहे हैं।

फोटो : मोहन सिंह

उस आवेदन की जांच निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के पदाधिकारी द्वारा की गई, तो जांच में सत्य पाया गया कि इन्होंने घूस की मांग की थी। आज इन्होंने घूस की रकम के साथ परवेज कौसर को बुलाया था कि आप आकर ₹15,000 तत्काल दीजिए… तो परवेज कौसर के आते ही हम लोग टीम का गठन कर यहाँ आए। पंचायत सचिव को जब परवेज कौसर के द्वारा पैसा दिया गया (घूस की रकम) तो  ले लिए और रकम के साथ हम लोगों के धावा दल के द्वारा इनको रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।” शिकायतकर्ता एवं मलदहिया निवासी ठेकेदार परवेज कौसर ने बताया कि उनकी एजेंसी को पंचायती राज विभाग की ओर से वित्तीय वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में डुमरिया पंचायत में नल-जल योजना के रखरखाव (मेंटेनेंस) का कार्य आवंटित किया गया था। कार्य पूरा होने के बावजूद ₹73 हजार का भुगतान लंबित था। आरोप है कि पंचायत सचिव शंकर प्रसाद लंबित बिल का भुगतान कराने तथा माप पुस्तिका (एमबी) से संबंधित फाइल आगे बढ़ाने के एवज में ₹28 हजार रिश्वत की मांग कर रहे थे। उन्होंने पहली किस्त के रूप में ₹15 हजार तत्काल देने का दबाव बनाया था। शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया। आरोप सही पाए जाने पर ट्रैप की योजना बनाई गई। बुधवार को जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को ₹15 हजार की रिश्वत दी और उसने राशि स्वीकार की, पहले से तैनात विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस ट्रैप कार्रवाई में डीएसपी कृपाल चंद्र जयसवाल के अलावा पुलिस इंस्पेक्टर आदित्य अंशु, सब-इंस्पेक्टर ऋषि कुमार, एएसआई कृष्ण जीवन सिंह तथा निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अन्य अधिकारी और कर्मी शामिल थे। गिरफ्तार पंचायत सचिव को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अपने साथ ले जाया गया।

 

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