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Post: डीईओ रहते विवादों में रहे अधिकारी पर (ईओयू) EOU ने कसा शिकंजा

डीईओ रहते विवादों में रहे अधिकारी पर (ईओयू) EOU ने कसा शिकंजा

रिपोर्ट : विशेष ब्यूरो, पटना

नकदी से लेकर सोना-चांदी व अन्य कागजात बरामद, 3.44 Cr की बेहिसाब संपत्ति का मामला

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

–  अमिट लेख
पटना, (विशेष ब्यूरो)। आर्थिक अपराध इकाई ने बिहार के एक और भ्रष्ट अधिकारी पर शिकंजा कसा है। शिक्षा विभाग के एक भ्रष्ट अधिकारी के ठिकानों पर जांच एजेंसी ने दबिश दी है। मुजफ्फरपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी रहते इस अधिकारी पर कई गंभीर आरोप लगे थे। सत्ताधारी विधायक से विवाद खूब चर्चा में आया था। इस दौरान अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने के भी आरोप लगे थे। ईओयू की टीम ने आज बिहार मुक्त विद्यालय शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड के उप निदेशक अजय कुमार सिंह के ठिकानों पर रेड किया है। आय से अधिक संपत्ति मामले में यह कार्यवाई की गई है। शिक्षा विभाग के उप निदेशक के पटना और बेगूसराय के तीन ठिकानों पर जांच जारी है. ईओयू ने 3.44 करोड़ रुपये आय से अधिक संपति का केस दर्ज किया है। यह उनके ज्ञात आय से लगभग 90.04% अधिक है। ईओयू से मिली जानकारी के मुताबिक, तत्कालीन डीईओ व वर्तमान में उप निदेशक अजय कुमार सिंह के पटना के चन्द्रतारा भवन बीभी कॉलेज, आकाशवाणी रोड, खाजपुरा (थाना-राजीव नगर), बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड मीठापुर, पटना अवस्थित अभियुक्त का कार्यालय कक्ष एवं ग्राम परोरा, पोस्ट-सहना, थाना-साहेबपुर कमाल, जिला-बेगुसराय अवस्थित पैतृक मकान की तलाशी ली गई,जहां से भारी मात्रा में नकदी के साथ-साथ सोना-चांदी व अन्य कागजात मिले है। बता दें, वर्ष 2025 में अजय कुमार सिंह मुजफ्फरपुर जिला शिक्षा पदाधिकारी के पद पर पदस्थापित थे। इस दौरान इनके काम पर भारी विवाद खड़ा हुआ था। डीईओ पर गंभीर आरोप भी लगे थे। जिला शिक्षा पदाधिकारी अजय कुमार सिंह का भाजपा विधायक से भारी विवाद हुआ था। इसके बाद इन्होंने पारू के तत्कालीन विधायक पर DEO को धमकाने का आरोप लगाया था। डीईओ अजय कुमार सिंह ने पारू विधायक से जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई थी। इनका आरोप था कि विधायक अपने समर्थकों के साथ दामुचक रोड स्थित सरकारी आवास पर पहुंचे और नियम विरुद्ध काम करने का दबाव बनाने लगे। मना करने पर उठवा लेने की धमकी दी और गाली-गलौज की। डीईओ ने डीएम, निदेशक और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर घटना से अवगत कराया था। हालांकि, इन आरोपों पर पारू विधायक अशोक सिंह ने भी अपनी बात रखी थी। विधायक ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि कुछ लड़कों का स्कूल में किए काम का भुगतान रुका हुआ था। उन्हें दौड़ाया जा रहा था। इसी संबंध में डीईओ के यहां गए थे। कोई दुर्व्यवहार नहीं किया।

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