रिपोर्ट : उप-संपादक, छपरा डेस्क
साफ-सफाई व प्रकाश व्यवस्था के अभाव में आमलोगों को नहीं मिल रहा पार्क का लाभ
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
छपरा, (सारण)। बिहार के सारण जिले के एकमा प्रखंड सह अंचल एवं नगर मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्रखंड सह अंचल कार्यालय के ठीक सामने नगर पंचायत एकमा बाजार क्षेत्र में वन विभाग की देखरेख में स्थित पार्क इन दिनों बदहाली का शिकार है।

नियमित साफ-सफाई और रखरखाव के अभाव में पार्क परिसर में जगह-जगह बड़े-बड़े घास-फूस और झाड़-झंखाड़ उग आए हैं। इससे पार्क का अधिकांश हिस्सा जंगल में तब्दील हो गया है और यह आमलोगों के उपयोग से बाहर होता जा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह पार्क और सीमेंटेड बेंचें बच्चों, बुजुर्गों और अन्य लोगों के सुबह-शाम बैठने के लिए बनाई गई हैं। पार्क का निर्माण जिस उद्देश्य से कराया गया था, वह वर्तमान स्थिति में पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। झाड़-झंखाड़ के कारण लोग यहां बैठने से भी कतराते हैं। वहीं, साफ-सफाई के अभाव में मच्छरों, कीट-पतंगों और जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता है। प्रखंड मुख्यालय में प्रतिदिन दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोग अपने सरकारी कार्यों को लेकर पहुंचते हैं।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्रखंड कार्यालय और अंचल कार्यालय में अपने काम के लिए इंतजार करने वाले लोगों के लिए यह पार्क बेहतर सुविधा उपलब्ध करा सकता है। यदि पार्क की नियमित सफाई कराई जाए, झाड़-झंखाड़ हटाए जाएं और पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था की जाए तो लोगों को कुछ देर बैठने और आराम करने के लिए एक बेहतर स्थान मिल सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों के ठीक सामने स्थित होने के कारण इस पार्क का महत्व और भी बढ़ जाता है। इसके बावजूद लंबे समय से इसकी समुचित देखरेख नहीं होने से पार्क अपनी उपयोगिता खोता जा रहा है। लोगों ने नगर पंचायत एवं संबंधित अधिकारियों से पार्क की तत्काल साफ-सफाई कराने, नियमित रखरखाव की व्यवस्था करने तथा पर्याप्त रोशनी की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। इस संबंध में नगर पंचायत एकमा बाजार की मुख्य पार्षद श्वेता रानी का कहना है कि यह पार्क वन विभाग के अधीन है। उन्होंने कहा कि प्रखंड मुख्यालय और नगर पंचायत क्षेत्र में स्थित इस पार्क की समुचित देखरेख के लिए विभागीय पत्राचार किया गया है कि इस पर को नगर पंचायत एकमा बाजार के लिए स्थानांतरित कर दिया जाए। यह स्थानांतरण की प्रक्रिया अभी विभागीय स्तर पर लिखा गया है। साथ ही जिला पदाधिकारी को भी इस आशय का पत्र भेजने के लिए तैयार कर लिया गया है। बहरहाल, लोगों को उम्मीद है कि समाचार प्रकाशित होने के बाद नगर पंचायत और संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस बदहाल पार्क की ओर जाएगा और इसे आमलोगों के उपयोग लायक बनाया जाएगा। लेकिन अब सवाल यह है कि लोगों की सुविधा के लिए बनाया गया यह पार्क आखिय कब तक झाड़-झंखाड़ से मुक्त होकर फिर से गुलजार होगा?








