रिपोर्ट : बेतिया डेस्क, 25 सितम्बर 26
‘स्वच्छ भारत’ की पहली सीढ़ी है स्वच्छ आचार- विचार और व्यवहार : गरिमा
‘स्वच्छता ही सेवा’ के तहत आयोजित स्कूली विद्यार्थियों की निबंध प्रतियोगिता से पहले महापौर ने किया प्रेरित
नगर निगम क्षेत्र के सैकड़ों स्कूली बच्चों ने अपने निबंध लेखन में स्वच्छता के प्रति रचनात्मक सोच का किया प्रदर्शन
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत शुक्रवार को नगर निगम सभागार में स्थानीय स्कूली विद्यार्थियों के लिए निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता शुरू होने से पहले महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को बेहद सहज और रोचक अंदाज में संबोधित करते हुए स्वच्छता को केवल सफाई तक सीमित नहीं रखने का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत का निर्माण हर नागरिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी और सामूहिक भागीदारी से ही संभव है। महापौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से शुरू होकर एक माह तक चलने वाला ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान हम सभी के लिए अपने आसपास सकारात्मक बदलाव लाने का बड़ा अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि विकसित भारत का सपना साकार करने से पहले स्वच्छ भारत का निर्माण जरूरी है। इसके लिए सबसे पहले अपने आचार, विचार और व्यवहार को स्वच्छ बनाना होगा। उन्होंने बच्चों को समझाते हुए कहा कि स्वच्छता की शुरुआत किसी दूसरे व्यक्ति से नहीं, बल्कि स्वयं से होती है। जब हम अपने घर, परिवार और आसपास के क्षेत्र को साफ रखने की आदत अपनाएंगे, तो यही छोटी पहल आगे चलकर पूरे समाज और देश को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाने का आधार बनेगी।
महापौर ने विद्यार्थियों को प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि निबंध के माध्यम से बच्चे अपने विचारों को शब्दों में ढालें और समाज को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे ही कल के विकसित और स्वच्छ भारत के जिम्मेदार नागरिक होंगे।








