रिपोर्ट : छपरा डेस्क, 16 अक्टूबर 2026
किसानों को आधुनिक खेती अपनाने पर दिया जोर
डीएओ बोले- किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
छपरा, (सारण)। कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा), सारण के तत्वावधान में शुक्रवार को हेमनगर, छपरा स्थित सिटी गार्डन के संवाद कक्ष में जिला स्तरीय वासंतिक (रबी) कर्मशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि अपर समाहर्ता ई. मुकेश कुमार ने किया। इस दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों, कृषि वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों ने रबी फसलों की वैज्ञानिक खेती तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर समाहर्ता ई. मुकेश कुमार ने कहा कि कृषि प्रसार कर्मी किसानों और कृषि विभाग के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। विभाग की ओर से संचालित योजनाओं, नवीन तकनीकों और कृषि संबंधी नवाचारों की जानकारी किसानों तक पहुंचाने में उनकी भूमिका अहम है। उन्होंने कृषि प्रसार कर्मियों से योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाने और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक, आत्मा, सारण मधुरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि सारण कृषि प्रधान जिला है। यहां के किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाकर कृषि उत्पादन में निरंतर वृद्धि कर रहे हैं।

कृषि विभाग की ओर से किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज, उर्वरक, कृषि यंत्र और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों तक विभागीय योजनाओं का लाभ पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने किसानों से विभागीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका अधिकतम लाभ उठाने और कृषि कार्यों को निर्धारित समय सीमा के अनुसार पूरा करने की अपील की। साथ ही वासंतिक (रबी) मौसम के अंतर्गत संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी कृषि प्रसार कर्मियों को दी। उन्होंने उद्यान सहित कृषि विभाग के विभिन्न संभागों की योजनाओं से अधिकाधिक पात्र किसानों को लाभान्वित करने का निर्देश दिया। कृषि विज्ञान केंद्र, मांझी के वैज्ञानिकों ने रबी फसलों की बेहतर पैदावार के लिए वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को निर्धारित समय पर बुआई करने, प्रमाणित एवं उन्नत किस्मों के बीजों का उपयोग करने तथा मिट्टी की जांच के आधार पर संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करने की सलाह दी। इसके अलावा जल संरक्षण, सिंचाई प्रबंधन और कीट एवं रोग नियंत्रण के उपायों पर भी चर्चा की गई। वर्तमान मौसम परिस्थितियों को देखते हुए किसानों को मौसम आधारित कृषि सलाह का नियमित पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र, मांझी किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और नवीन कृषि तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। कार्यशाला में कृषि विभाग के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने रबी फसलों की वैज्ञानिक खेती, उन्नत बीजों के उपयोग, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, सिंचाई, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। इस अवसर पर उप निदेशक कृषि अभियंत्रण ई. दीपक कुमार, कृषि विज्ञान केंद्र मांझी के वरीय वैज्ञानिक डॉ. आरके तिवारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. राकेश कुमार, जिला उद्यान पदाधिकारी सुधीर तिवारी, उप परियोजना निदेशक शमशेर आलम, कार्यक्रम समन्वयक दीपक कुमार तथा सहायक निदेशक प्रक्षेत्र हरिद्वार प्रसाद चौरसिया सहित प्रखंड स्तरीय अधिकारी, कर्मी और सैकड़ों किसान उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन हरिद्वार प्रसाद चौरसिया ने किया।








