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Post: पति की हत्या का इन्साफ के लिए दर-दर भटक रही एक विधवा

पति की हत्या का इन्साफ के लिए दर-दर भटक रही एक विधवा

बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :

गुनाहगार घूम रहेँ है खुलेआम

पीड़िता अपने पति के इन्साफ के लिए अनुसूचित जाति आयोग का दरवाजा खटखटाया

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

– अमिट लेख

बेतिया, (मोहन सिंह)। मिली जानकारी के अनुसार
एक साल से दर दर की ठोकरें खा रही है मजबूर पत्नी।
मामला बीते साल की बताई जाती है, जंहा मानपुर थाना क्षेत्र के राजदेव माँझी का शव पड़ोसी देश नेपाल के बागमुरचा बस्ती के समीप झाड़ी में पड़ा मिला। शव का पोस्टमार्टम कराकर नेपाल पुलिस ने भारत के मानपुर थाना को सौंप दिया। शव की पहचान होने के बाद परिजनो ने हत्या कर नेपाल में फेंक देने की आशंका जताई थीऔर कुछ कतिपय लोगों के विरुद्ध मानपुर थाना मे आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई गई। प्राथमिकी भले ही दर्ज हो गया है, लेकिन गरीब जनता की कोई नहीं सुनता है। राजदेव माँझी की पत्नी अभी तक अपने पति की हत्या का इन्साफ पानी के लिए दर-दर भटक रही है। पीड़िता अपने पति के इन्साफ के लिए अनुसूचित जाति आयोग का दरवाजा खटखटाया। वहां से बिहार DGP को एक पत्र भी लिखा गया था। लेकिन अनुसूचित जाति आयोग के पत्र को भी कहीं फाइलों में दबा दिया गया। लेकिन आज तक पीड़िता को न्याय नहीं मिल पाया । 25 जनवरी 2026 को पीड़िता मृत राजदेव माँझी की पत्नी मानपुर थाना अध्यक्ष से मुलाकात कर इस मामले में कारवाई की गुहार लगाई, लेकिन थानाध्यक्ष ने ये कह कर टाल दिया कि मामला नेपाल का था। नेपाल एसपी से बात करने के बाद ही कुछ कह सकते हैं ।अब सवाल ये उठता है कि अपराधी किसी की हत्या कर नेपाल में फेंक देते हैं और भारत में खुलेआम घूमते हैं। फिर भी भारतीय पुलिस कुछ नहीं कर पाती है और पीड़ित परिवार दर दर की ठोकरें खा रहा है।

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