AMIT LEKH

Post: 4 श्रम कोड देश के संविधान पर बड़ा हमला : वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता

4 श्रम कोड देश के संविधान पर बड़ा हमला : वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता

बेतिया से उप-संपादक क चश्मा : 

भारत अमेरिका कृषि समझौता रद्द करे सरकार : सुनील कुमार राव

जी राम जी को रद्द कर मनरेगा को पुनः लाने की मांग

न्यूनतम मज़दूरी हड़पने की साज़िश के खिलाफ हड़ताल में शामिल हुए सैकड़ों महिला और खेत मज़दूर 

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

– अमिट लेख

बेतिया, (मोहन सिंह)। मजदूरों के गुलामी के दस्तावेज 4 लेबर कोड्स के खिलाफ आहूत देशव्यापी हड़ताल सफल रहा। उक्त बातें आम हड़ताल को समर्थन देने वाली पार्टी भाकपा माले केन्द्रीय कमिटी सदस्य सह पूर्व विधायक वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने कहीं।

फोटो : मोहन सिंह

आगे कहा कि ये सभी श्रम कानून ब्रिटिश शासन के खिलाफ किसान मजदूर के संघर्षों व कुर्बानियो से हासिल हुए थें, इसलिए श्रम कानून को खत्म कर बनाये गए ये 4 श्रम कोड देश के संविधान पर बडा हमला हैं। संविधान की खत्म करने की मोदी सरकार की साजिश का हिस्सा हैं। ऐक्टू जिला अध्यक्ष सह निर्माण मजदूर संघ नेता जवाहर कुशवाहा ने कहा कि मोदी सरकार वेतन संहिता 2019 वापस ले, चारों लेबर कोड रद्द करें, सम्मानजनक मज़दूरी हक हमारा है …इस पर हमला नहीं सहेंगे। आगे कहा कि चार लेबर कोड बिल ‘फ्लोर वेज’ के नाम पर न्यूनतम मज़दूरी को नीचे खींचने और सम्मानजनक, जीवनयापन योग्य मज़दूरी की अवधारणा को खत्म करने की कोशिश है। यह मेहनत की कीमत घटाने और मुनाफ़ा बढ़ाने की खुली नीति है। चारों मज़दूर-विरोधी श्रम कोडों के साथ सरकार मज़दूरी, काम के घंटे और सामाजिक सुरक्षा पर हमला कर रही है। सरकार अनुबंध और ठेका प्रथा लागू कर शोषण कर रहीं हैं, सरकार खुद न्यूनतम मजदूरी नहीं दे रहीं हैं, भाकपा माले नेता सह अखिल भारतीय किसान महासभा जिला अध्यक्ष सुनील कुमार राव ने कहा कि केंद्र और राज्यों की सरकारें किसानों,मजदूरों व गरीबों के हितों के पक्ष में बने अब तक के सभी कानूनों को कॉर्पोरेट के पक्ष में लगातार बदलने यहां तक कि खत्म कर देने की कोशिश कर रही है ।इसी के तहत भारत – अमेरिका कृषि व्यापार समझौता कर न सिर्फ भारतीय कृषि और किसानों को अमेरिकी कंपनियों के हाथों गिरवी कर दिया है बल्कि देश की संप्रभुता को भी गिरवी कर दी है।

छाया : अमिट लेख

खेत व ग्रामीण मजदूर सभा जिला अध्यक्ष संजय राम ने कहा कि अब तक मजदूरो को कानूनी सुरक्षा और कुछ अधिकार देने वाले सभी 44 श्रम कानून को खत्म कर बनाए गए 4 लेबर कोड मजदूरों को मालिक के गुलाम बना देगा, मजदूरों पर हमले का पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि अब 12 से 16 घंटे तक काम करवाने का कानून बना दिया गया है। यूनियन बनाने का अधिकार करीब – करीब खत्म ही कर दिया गया है। वही आगे जी राम जी कानून को रद्द कर मनरेगा को फिर लागू करने की मांग किया। बेतिया राज भूमि अधिकार संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष संजय यादव ने कहा कि जो जहां बसें है उसी जगह पर लोगों को कानूनी अधिकार दे सरकार, लोगों के घरों पर बुलडोजर चलाना न्याय नहीं दमनकारी कार्यवाही होगी जिसे बिहार की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। इनके अलावा संजय मुखिया, नौजवान सभा जिला अध्यक्ष फरहान राजा, अफाक अहमद, सुरेन्द्र चौधरी, विरेन्द्र पासवान, सरवर एमाम उर्फ सोनू, जोखू चौधरी, जुलकर नैन, सीताराम राम, अच्छे लाल राम, ठाकुर साहब, हारून गद्दी, इसलाम अंसारी, भरत शर्मा, असर्फि राम, महेन्द्र राम, रिखी साह, प्रकाश माझी, अभिमन्यु राव आदि नेताओं ने भी सभा को संबोधित किया।

Leave a Reply

Recent Post