बेतिया से उप- संपादक का चश्मा :
काली बाग-कोरिडोर निर्माण, टाउन हॉल जीर्णोद्धार और बस स्टैंड के विस्तार जैसी करोड़ों की लंबित योजनाओं का शीघ्र टेंडर करने की मांग उठाई महापौर ने
नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की बैठक मे नगर निगम बोर्ड से पारित दर्जनों अति महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी योजनाओं के लटके होने महापौर ने जताया दुःख
समिति के प्रायः सभी सदस्यों ने महापौर की पीड़ा को सही करार देते हुए दर्जनों लंबित योजनाओं की अविलंब निविदा जारी करने का किया प्रस्ताव पारित
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। नगर निगम के सशक्त स्थायी समिति की बैठक शुक्रवार को आयोजित की गई। महापौर गरिमा देवी सिकारिया की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में आयोजित बैठक का संचालन नगर आयुक्त शिवाक्षी दीक्षित ने किया। चार घंटे से अधिक समय तक चली सशक्त स्थायी समिति की बैठक में महापौर श्रीमती सिकारिया ने नगर निगम बोर्ड द्वारा बीते साल से अब तक पारित दर्जनों अति महत्वपूर्ण और करोड़ों की लागत वाली विकास योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं होने पर गहरी चिंता व्यक्त किया। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने कहा कि इनमें नगर निगम क्षेत्र को पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर उभारने वाले काली बाग़ कोरिडोर निर्माण जैसी अति महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी योजना भी शामिल है। इसके साथ ही दशकों से बदहाल नगर के न्यू बस स्टैंड का जीर्णोद्धार, विस्तार और सौंदर्यकरण जैसी विभाग और सरकार की भी प्राथमिकताओं वाली महत्वपूर्ण योजना भी शामिल है। महापौर श्रीमती सिकारिया ने कहा कि इसके अलावे वर्षों से जर्जर हालत में पड़े महारानी जानकी कुंवर नगर भवन अर्थात टाउन हॉल का जीर्णोद्धार और वातानुकूलित स्वरूप में विस्तार के साथ उसके सौंदर्यीकरण जैसी महत्वपूर्ण योजना भी इसमें शामिल है। इसके अलावा ऐतिहासिक शहीद स्मारक परिसर को मनोरम और रमणीक रूप में विकसित करने के साथ ओपन जिम निर्माण और सौंदर्यीकरण की योजना का भी लंबे समय से लंबित होना मेरे लिए अत्यंत दुखद है। नगर निगम बोर्ड की विभिन्न बैठकों में पारित इन योजनाओं के साथ ही झीलिया पार्क और कम्युनिटी हॉल, सोनार पट्टी पुल नवनिर्माण जैसी योजनाओं की भी निविदा नहीं होने पर महापौर की चिंता से सहमत होते हुए सशक्त समिति सदस्यों द्वारा इसको लेकर प्रस्ताव पारित किया गया। समाचार लिखे जाने तक सशक्त स्थायी समिति की बैठक और प्रस्तावों पर चर्चा जारी रही।








