बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त, काजले वैभव नितिन ने कहा कि बदलते परिवेश में खेती को लाभ का सौदा बनाने के लिए मशीनीकरण अनिवार्य है
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। जिला कृषि कार्यालय, बेतिया एवं कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को दो दिवसीय जिला स्तरीय ‘कृषि यंत्रीकरण मेला’ का शुभारंभ हुआ।

केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह एवं सरफराज असगर, जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन जिला विकास आयुक्त ने दीप प्रज्वलित कर एवं फीता काटकर किया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त, काजले वैभव नितिन ने कहा कि बदलते परिवेश में खेती को लाभ का सौदा बनाने के लिए मशीनीकरण अनिवार्य है।

उन्होंने जोर देते हुए कहा, “परंपरागत खेती में श्रम और लागत अधिक लगती है, जबकि आय सीमित रह जाती है। कृषि यंत्रीकरण के माध्यम से किसान न केवल समय की बचत कर सकते हैं, बल्कि उत्पादन लागत में कमी लाकर अपनी शुद्ध आय बढ़ा सकते हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे सरकार द्वारा दिए जा रहे भारी अनुदान का लाभ उठाएं और आधुनिक खेती की ओर कदम बढ़ाएं। मेले में कृषि वैज्ञानिकों और जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों को ड्रोन तकनीक, हैप्पी सीडर, जीरो टिलेज मशीन और रोटावेटर जैसे अत्याधुनिक यंत्रों की कार्यप्रणाली समझाई। विशेषज्ञों ने किसानों को कैसे मिट्टी की उर्वरता बरकरार रखते हुए कम पानी और कम बीज में बंपर पैदावार ली जा सकती है। मेले में बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने यंत्रों के प्रति भारी उत्साह दिखाया। उद्घाटन के पश्चात मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त ने केंद्र में स्थापित विभिन्न प्रदर्शन इकाइयों का अवलोकन किया और वहां चल रही प्रसार गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र न केवल तकनीकी जानकारी का स्रोत है, बल्कि यह क्षेत्र के किसानों के लिए एक ‘प्रकाश स्तंभ’ की तरह कार्य कर रहा है। उन्होंने वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण और तकनीक का लाभ गांव के अंतिम किसान तक पहुँचना चाहिए। साथ ही, उन्होंने स्थानीय आम की प्रजाति ‘जरदा’ को जीआई टैग दिलाने के प्रयासों पर भी चर्चा की, ताकि चंपारण की धरती पर कृषि क्रांति का एक नया अवसर आए। इस अवसर पर जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, सहायक निदेशक (कृषि अभियांत्रिकी), केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. सौरभ दुबे, डॉ. जगपाल, डॉ. हर्ष बी.आर., डॉ. चैलपुरी रमूल सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी एव कर्मी उपस्थित रहे।








