बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :
जिला मुख्यालय के इस ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित बनाने की जारी खेल प्रेमियों की मुहिम का महापौर ने किया स्वागत और समर्थन
शहर के ऐतिहासिक धरोहर के रूप में बड़ा रमना मैदान को सुरक्षित बनाने के साथ होगा सौंदर्यीकरण
पूरे मैदान की सफाई और समतलीकरण के बाद खाली जगह पर लगाई जायेंगी उम्दा प्रजाति की मुलायम घास
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बताया कि नगर के ऐतिहासिक धरोहर बड़ा रमना मैदान को 2,2656,892 रूपये की लागत से समतलीकरण कर के खाली जगह पर मुलायम और नर्म घास बिछाने और अन्यान्य सुविधाओं के साथ एक ऐतिहासिक धरोहर के रूप में संरक्षित किया जाएगा। महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि नगर निगम द्वारा पारित उनकी इस महत्वाकांक्षी योजना को नगर विकास एवम आवास विभाग से स्वीकृति के बाद इसकी निविदा नगर आयुक्त शिवाक्षी दीक्षित द्वारा जारी कर दी गई है। उन्होंने बड़ा रमना मैदान को सुरक्षित और पर्यावरण संरक्षा के अनुकूल सुविधा जनक बनाने की जारी खेल प्रेमियों की मुहिम का पुरजोर स्वागत और समर्थन करते हुए बताया कि जिला के अनेक प्रतिनिधि खेल प्रेमियों के द्वारा अनेक अवसरों पर इस धरोहर सुरक्षित बनाने और इसका जीर्णोद्धार के साथ सौंदर्यीकरण की मांग उनसे की थी। इसको लेकर दशकों से बदहाल और उपेक्षित बड़ा रमना मैदान जैसे जिला स्तरीय ऐतिहासिक धरोहर का स्वरूप आकर्षक रूप में बदलने की उनकी योजना को विभागीय स्वीकृति के साथ निविदा कर दी गयी है। महापौर ने बताया कि नगर निगम द्वारा नगर विकास एवम आवास विभाग को रमना मैदान के सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं के विकास से संबंधित करीब ढाई करोड़ की योजना का प्रस्ताव भेजा गया था। जिसके आलोक में कुल 2.26 करोड़ की लागत से संबंधित कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है। महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि इस योजना के पूरी होने के बाद इसकी सुरक्षा- निगरानी तीसरी आंख अर्थात सीसीटीवी के माध्यम से करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। विभाग से प्रशासनिक स्वीकृत डीपीआर के आधार पर महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि रमना मैदान की साफ सफाई और समतलीकरण के बाद चहारदीवारी के पास पेड़ और खाली जगह पर आधुनिक घास लगाई जायेंगी। इसके साथ ही पूरे मैदान के किनारे चहारदीवारी से सटे मॉर्निंग/इवनिंग वॉक के लिए पाथवे, आराम बैंचों के साथ पर्याप्त हाई मास्क लाइटों के अलावा तीन योग कुटीर, दो गार्ड रूम, महिला पुरुष और गार्ड के लिए अलग अलग शौचालय, बोरवेल का निर्माण कराया जाएगा। महापौर ने बताया कि इसके साथ ही प्रवेश द्वारों का जीर्णोद्धार के साथ इस ऐतिहासिक धरोहर का पांच साल के रखरखाव की व्यवस्था पर भी योजना के डीपीआर में निर्धारित किया गया है। जारी निविदा के आधार महापौर ने बताया कि इच्छुक संवेदक आगामी 6 मई तक अपनी दावेदारी ई टेंडरिंग विधि से अपलोड कर सकेंगे। उसके लगभग दस दिनों में कार्यादेश जारी कराने की पहल की जाएगी, ताकि उसके बाद के 9 माह में इस योजना को पूरा करना होगा।








