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Post: वर्षों से बदहाल कमलनाथ नगर-सुप्रिया रोड का बरसात से पहले ही शुरू हो जाएगा बहुप्रतीक्षित नव निर्माण : गरिमा

वर्षों से बदहाल कमलनाथ नगर-सुप्रिया रोड का बरसात से पहले ही शुरू हो जाएगा बहुप्रतीक्षित नव निर्माण : गरिमा

बेतिया से उप-संपादक का चश्मा : 

बोलीं महापौर 1.07 करोड़ की लागत वाली डबल लेन पीसीसी सड़क के साथ आरसीसी नाला निर्माण से दशकों की समस्या से मिलेगी राहत

बदहाल, जर्जर सड़क का नाला सहित डबल लेन निर्माण से लोगों को आवागमन में सुविधा के साथ जलजमाव की विकट समस्या से भी मिलेगी मुक्ति

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

– अमिट लेख

बेतिया, (मोहन सिंह)। वर्षों से बदहाल कमलनाथ नगर से सुप्रिया रोड सड़क का बरसात से पहले ही शुरू हो जाएगा। इस अपनी बहुप्रतीक्षित विकास योजना के नव निर्माण की जानकारी देते हुए महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बताया कि ‘बुडको’ अर्थात बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से बनने वाली इस डबल लेन पीसीसी रोड और आरसीसी नाला निर्माण को बनाने के लिए भीष्म कंस्ट्रक्शन को इस योजना की जिम्मेदारी सौंपी गई है। महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि नगर के संत तेरेसा रोड में खीरी पेड़ के स्थान से एनएच-727 मेन रोड तक जाने वाली वर्षों से जर्जर डबल लेन पीसीसी सड़क के नवनिर्माण का रास्ता साफ हो गया है। निर्माण एजेंसी के प्रबंध निदेशक के हवाले महापौर ने बताया कार्य स्थल का अवलोकन के बाद निर्माण एजेंसी द्वारा एक सप्ताह के भीतर बरसात पूर्व निर्माण कार्य शुरू करने के लिए इस सड़क सीमांकन के साथ अतिक्रमण मुक्त कराने का अनुरोध किया है। वही महापौर ने यह भी बताया कि उनकी अध्यक्षता सम्पन्न सशक्त स्थाई समिति की बैठक में भी इस सड़क का बहुप्रतीक्षित नव निर्माण कार्य शुरू होने से पूर्व अतिक्रमण मुक्त बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया है। महापौर श्रीमती सिकारिया ने कहा कि कमलनाथ नगर का मोहल्ला जलजमाव और बदहाल जल निकासी व्यवस्था को लेकर चर्चित रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर होगा कि अतिक्रमण पर प्रशासनिक कार्रवाई से पूर्व ही इस ऐतिहासिक मुहल्ले की जल निकासी व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए स्वयं से ही सड़क और नाले की सरकारी जमीन को संबंधित नगर वासी ही खाली कर दें।महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बताया कि निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुल 1.07 करोड़ खर्च से यह कार्य आवंटित किया गया है। इधर कतिपय स्थानीय लोगों ने बताया कि यह सड़क पिछले कई दशकों से जर्जर अवस्था में थी। हल्की बारिश में भी सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और मुहल्ले वालों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ती थी। अतिक्रमण के कारण नाला सही नहीं होने से गंदा और बदबूदार पानी घरों और दुकानों के अंदर पहुंच जाता है।

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