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Post: श्रावण मास से पूर्व श्री ढोढनाथ धाम को शिव शक्ति सर्किट में शामिल करने की मांग हुई तेज

श्रावण मास से पूर्व श्री ढोढनाथ धाम को शिव शक्ति सर्किट में शामिल करने की मांग हुई तेज

छपरा से हमारे उप-संपादक का संकलन : 

सावन माह में लगने वाले एक माह लंबे मेले में बिहार के अलावा नेपाल, झारखंड व पश्चिम बंगाल से भी हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन-पूजन के लिए आते हैं

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

– अमिट लेख, संवाददाता
एकमा/लहलादपुर, (सारण)। भगवान शिव को प्रिय श्रावण मास के आगमन से पहले सारण जिले के एकमा विधानसभा क्षेत्र में प्रसिद्ध श्री ढोढनाथ धाम मंदिर को बिहार सरकार की प्रस्तावित शिव शक्ति सर्किट योजना में शामिल कर विकसित करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। एकमा विधान सभा के लहलादपुर प्रखंड के जनता बाजार स्थित यह प्राचीन शिवधाम उत्तर बिहार में विशेष धार्मिक महत्व रखता है और श्रद्धालुओं के बीच “द्वितीय काशी नगरी” के नाम से प्रसिद्ध है। इस संबंध में बिहार अभ्युदय संघ (बिहारवाद) के सदस्यों ने सहयोग पोर्टल के माध्यम से बिहार सरकार को आवेदन भेजकर ढोढनाथ धाम को शिव शक्ति सर्किट में शामिल करने तथा इसे आधुनिक धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग की है। संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार श्री ढोढनाथ धाम राज्य एवं जिला प्रशासन द्वारा अधिसूचित पर्यटन स्थल है तथा इसका ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व भी है। मंदिर परिसर में उत्तर बिहार का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित है, जहां प्रत्येक माह की त्रयोदशी को बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। सावन माह में लगने वाले एक माह लंबे मेले में बिहार के अलावा नेपाल, झारखंड व पश्चिम बंगाल से भी हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन-पूजन के लिए आते हैं।वहीं एकमा प्रखंड के फुचटी कला पंचके तवकली गांव निवासी व बिहार अभ्युदय संघ (बिहारवाद) के सदस्य एवं यूथ वॉयस सूर्या सूर्यकांत ने कहा कि बिहार की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए ढोढनाथ धाम जैसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों का समुचित विकास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिव शक्ति सर्किट में शामिल होने से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। पर्यटन विभाग को भेजे गए आवेदन में मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण, सड़क संपर्क के उन्नयन, पार्किंग, प्रकाश व्यवस्था, यात्री विश्राम गृह व श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक बुनियादी सुविधाओं के निर्माण की मांग की गई है। संगठन ने सरकार से जन भावनाओं एवं पर्यटन की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है।

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