AMIT LEKH

Post: जिला परिषद सार्वजनिक पुस्तकालय : ग्रामीण विकास की नई गाथा

जिला परिषद सार्वजनिक पुस्तकालय : ग्रामीण विकास की नई गाथा

बेतिया से उप-संपादक का चश्मा : 

अधिष्ठापित पुस्तकालयों में लगभग 1200 पुस्तकें, फर्नीचर, बुक सेल्फ, पंखा तथा पर्याप्त रोशनी हेतु विद्युत बल्ब भी लगाए गए हैं

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

– अमिट लेख

बेतिया, (मोहन सिंह)। जिला पदाधिकारी, पश्चिम चंपारण बेतिया के नेतृत्व एवं मार्ग दर्शन में पूर्व उप विकास आयुक्त सुमित कुमार द्वारा षष्ठम राज्य वित्त आयोग मद से जिला परिषद के लिए संसूचित दिशा-निर्देश के आलोक में जिला परिषद, पश्चिम चम्पारण,

फोटो : मोहन सिंह

बेतिया द्वारा जिला पार्षद क्षेत्र अंतर्गत थरुहट महाविद्यालय हरनातांड, पंचायत सरकार भवन दक्षिण तेलुआ, उच्च माध्यमिक विद्यालय कुंडिलपुर में एवं अन्य ग्रामीण उच्च विद्यालय तथा पंचायत सरकार भवनों में कुल 49 सार्वजनिक पुस्तकालयों का अधिष्ठापन कार्य कराया गया है। अधिष्ठापित पुस्तकालयों में लगभग 1200 पुस्तकें, फर्नीचर, बुक सेल्फ, पंखा तथा पर्याप्त रोशनी हेतु विद्युत बल्ब भी लगाए गए हैं।

छाया : अमिट लेख

पुस्तकों में NCERT एवं प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों को सम्मिलित किया गया है। जिला परिषद द्वारा अधिष्ठापित पुस्तकालय, ग्रामीण विकास की एक नई गाथा लिख रहे हैं। जहाँ पुस्तकालय की छत के नीचे ज्ञानार्जन हो रहा है, वहीं ये पुस्तकालय सामाजिक समरसता, एकता तथा अखण्डता के केंद्र के रूप में परिलक्षित हो रहे हैं। इन ग्रामीण पुस्तकालयो का लाभ न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रो को हो रहा है बल्कि विद्यालयी छात्र भी इन पुस्तकालयो का लाभ उठा रहे है l ये संसाधनों की कमी को पूरा कर शिक्षा के सामुदायिक केंद्र के रूप में कार्य कर रहे हैं। जिला परिषद द्वारा अधिष्ठापित पुस्तकालय शैक्षणिक असमानता को कम कर स्व-अध्ययन की संस्कृति को बढ़ावा दे रहे हैं। ग्रामीण पुस्तकालय शिक्षा, सामाजिक जुड़ाव और सूचना तक पहुँच के केंद्र के रूप में कार्य कर सामुदायिक विकास और एकता के आधारभूत स्तम्भ के रूप में कार्य कर रहे हैं।

Leave a Reply

Recent Post