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Post: स्वतंत्रता संग्राम की अमर गाथा होगी सजीव

स्वतंत्रता संग्राम की अमर गाथा होगी सजीव

बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :

गांधी सभागार, बेतिया में गूंजेगी क्रांति की पुकार

15 जुलाई को होगा ऐतिहासिक नाटक ‘फनिया वध’ का भव्य मंचन

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

– अमिट लेख

बेतिया, (मोहन सिंह)। आजादी के अमर सेनानियों के अदम्य साहस, बलिदान और राष्ट्रभक्ति की गाथा को मंच पर जीवंत करने वाला ऐतिहासिक नाटक ‘फनिया वध’ आगामी 15 जुलाई को स्थानीय गांधी सभागार, बेतिया में प्रस्तुत किया जाएगा।

फोटो : मोहन सिंह

स्वतंत्रता संग्राम के दौरान क्रांतिकारियों के विरुद्ध गवाही देने वाले फणींद्रनाथ घोष तथा उनके वध की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित इस नाटक का मंचन चंपारण के प्रख्यात साहित्यकार डॉ. दिवाकर राय द्वारा रचित कृति पर किया जा रहा है।

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जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली एवं कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह नाट्य प्रस्तुति 15 जुलाई, सायं 6:00 बजे गांधी सभागार में होगी। उन्होंने कहा कि यह पश्चिम चम्पारण के लिए गर्व का विषय है कि जिले में राष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक आयोजनों का लगातार विस्तार हो रहा है, जिससे स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट मंच मिल रहा है।

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उन्होंने बताया कि नाटक का निर्देशन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी), नई दिल्ली से प्रशिक्षित वरिष्ठ रंग निर्देशक हरिशंकर रवि कर रहे हैं। इस नाट्य प्रस्तुति की विशेषता यह है कि इसमें अभिनय करने वाले सभी कलाकार स्थानीय हैं, जिन्होंने ऐतिहासिक पात्रों को प्रभावशाली ढंग से मंच पर जीवंत करने के लिए व्यापक तैयारी की है। नाटक के लेखक डॉ. दिवाकर राय ने कहा कि चंपारण में कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में सकारात्मक वातावरण का निर्माण हो रहा है, जो अत्यंत उत्साहवर्धक है। उन्होंने कहा कि सरकार की पहल से कला को नई पहचान मिल रही है और स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस ऐतिहासिक नाटक को देखने के लिए जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचेंगे। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी राकेश कुमार ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं होते, बल्कि वे नई पीढ़ी को देश के उन महान क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान से परिचित कराते हैं, जिन्होंने राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि चंपारण के अनेक वीर सपूतों ने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान दिया और कई लोगों ने कालापानी जैसी कठोर सजा भी भुगती, किंतु आज उनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। ‘फनिया वध’ जैसे नाटक उन भूले-बिसरे नायकों की गौरवगाथा को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेंगे।उन्होंने जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में गांधी सभागार पहुंचकर इस ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी नाट्य प्रस्तुति का अवलोकन करने की अपील की।

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