रिपोर्ट : विशेष ब्यूरो पटना
छात्र आंदोलन हिंसा पर बिहार पुलिस मुख्यालय का बड़ा खुलासा
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
पटना, (दिवाकर पाण्डेय)। बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा साझा कि गई विस्तृत जानकारी के अनुसार 25 जुलाई 2026 को विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों से जुड़े युवाओं द्वारा किए गए धरना, प्रदर्शन और जुलूस के दौरान राज्य के कई जिलों में विधि-व्यवस्था की गंभीर समस्या पैदा हो गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे राज्य में कुल 694 लोगों को हिरासत में लिया। सत्यापन के बाद 339 नाबालिगों और छात्रों को रिहा कर दिया गया, जबकि हिंसक घटनाओं में शामिल 355 आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए हिंसक पथराव और उपद्रव में पुलिस बल को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इस हिंसा में कुल 91 पुलिस अधिकारी और पुलिसकर्मी जख्मी हुए हैं। घायलों में सिवान और सीतामढ़ी के पुलिस अधीक्षक (SP) के अलावा 2 अनुमंडल पुलिस अधिकारी (SDPO) और कई थाना प्रभारी शामिल हैं। गांधी मैदान के थाना प्रभारी को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि कई पुलिसकर्मियों के सिर भी फट गए। इस दौरान 13 आम नागरिक भी घायल हुए हैं। उपद्रव के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों पर जानलेवा हमले की बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। सारण के सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए, जिससे उनकी एक आंख की रोशनी पूरी तरह समाप्त हो गई। वर्तमान में उनका इलाज IGIMS पटना में चल रहा है। इसके अलावा रिविलगंज के BDO पर भी जानलेवा हमला किया गया, जिनके सिर में आए गंभीर ज़ख्मों के बाद वेदांता अस्पताल में सर्जरी की गई है। दोनों अधिकारी अत्यंत गंभीर हालत में जिंदगी से जंग लड़ रहे हैं। आंदोलन के नाम पर उपद्रवियों ने सरकारी संपत्तियों को बड़े पैमाने पर निशाना बनाया और नुकसान पहुंचाया। हिंसा के दौरान कुल 14 सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जबकि आक्रोशित भीड़ ने 01 सरकारी वाहन को पूरी तरह आग के हवाले कर दिया। पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि उपद्रव करने और कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।








