रिपोर्ट : विशेष ब्यूरो पटना
सुनवाई के दौरान तेजप्रताप यादव के वकील ने उनके खराब स्वास्थ्य और गिरफ्तारी की प्रक्रिया का हवाला देते हुए जमानत की मांग की
वहीं, विपक्ष की ओर से दलील दी गई कि मामला गंभीर धाराओं से जुड़ा है, इसलिए उन्हें बेल नहीं दी जानी चाहिए
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
पटना, (दिवाकर पाण्डेय)। राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजप्रताप यादव की जमानत याचिका पर सोमवार को पटना की एसडीजेएम कोर्ट में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।
सुनवाई के दौरान तेजप्रताप यादव के वकील ने उनके खराब स्वास्थ्य और गिरफ्तारी की प्रक्रिया का हवाला देते हुए जमानत की मांग की। वहीं, विपक्ष की ओर से दलील दी गई कि मामला गंभीर धाराओं से जुड़ा है, इसलिए उन्हें बेल नहीं दी जानी चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया। इससे पहले पुलिस ने बिहार बंद के दौरान हुए उपद्रव के मामले में तेजप्रताप यादव को गिरफ्तार किया था। शनिवार रात करीब 12:15 बजे उन्हें नौबतपुर थाने से छज्जूबाग स्थित मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया। तेजप्रताप यादव के खिलाफ पटना के गांधी मैदान थाने में हत्या के प्रयास, अश्लील प्रदर्शन, दंगा भड़काने समेत 12 से अधिक गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है। जेल भेजे जाने के बाद सीने में दर्द की शिकायत के कारण तेजप्रताप यादव को बेऊर जेल में मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। जानकारी के अनुसार, उन्होंने शुरुआत में जेल का खाना खाने से इनकार कर दिया था। हालांकि, जेल अधिकारियों के काफी समझाने-बुझाने के बाद सोमवार सुबह उन्होंने नाश्ते में रोटी, दाल और सब्जी खाई।








