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राजद में घमासान : पार्टी के दो विधायकों में छिड़ी तीखी नोंक-झोंक

रिपोर्ट : विशेष ब्यूरो, पटना

भाई वीरेंद्र और शक्ति यादव आमने-सामने, विधायक बोले- ‘करतूतें सार्वजनिक कर दीं तो मुंह दिखाने लायक नहीं रहोगे’

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

–  अमिट लेख

पटना, (दिवाकर पाण्डेय)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में संगठन और नेतृत्व को लेकर शुरू हुई अंदरूनी बयानबाजी अब खुली जुबानी जंग में बदलती नजर आ रही है। मनेर से राजद विधायक भाई वीरेंद्र और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। दोनों नेताओं के बयानों से पार्टी के भीतर चल रही नाराजगी और मतभेद सार्वजनिक हो गए हैं। विवाद की शुरुआत भाई वीरेंद्र के उस बयान से हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि पार्टी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के आसपास मौजूद कुछ लोगों को हटाने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों की वजह से जनता में नाराजगी बढ़ रही है और पार्टी की छवि को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और जनता के बीच दोबारा भरोसा कायम करने की जरूरत पर जोर दिया। भाई वीरेंद्र के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने सवाल उठाया कि उन्होंने पार्टी के लिए अब तक क्या योगदान दिया है। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी और तेज हो गई। शक्ति यादव की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए भाई वीरेंद्र ने कहा कि वह लंबे समय से समाजवादी आंदोलन और राजद की राजनीति से जुड़े हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के मुश्किल दौर में भी वह संगठन के साथ मजबूती से खड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके राजनीतिक अनुभव और योगदान पर सवाल उठाना उचित नहीं है। भाई वीरेंद्र ने शक्ति यादव को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि व्यक्तिगत टिप्पणी जारी रही तो वह कई ऐसे तथ्य सार्वजनिक कर देंगे, जिनका जवाब देना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि वह लोकदल के दौर से राजनीति कर रहे हैं और कई नेताओं को आते-जाते देखा है, लेकिन वह लगातार पार्टी के साथ जुड़े रहे हैं।

तेजस्वी यादव के करीबियों पर उठाए सवाल

भाई वीरेंद्र ने एक बार फिर कहा कि तेजस्वी यादव के आसपास रहने वाले कुछ लोगों को हटाने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि जनता उन लोगों से नाराज है और उनके व्यवहार को लेकर असंतोष है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजद को अब जनता के बीच जाकर संवाद बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने की जरूरत है। भाई वीरेंद्र ने यह भी माना कि पार्टी से कुछ गलतियां हुई हैं, जिन्हें सुधारना जरूरी है।

टिकट वितरण और फैसलों पर भी उठाए सवाल

राजद विधायक ने आरोप लगाया कि टिकट वितरण और संगठनात्मक फैसलों में कुछ सीमित लोगों का प्रभाव पार्टी के लिए नुकसानदेह साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं की सिफारिशों के आधार पर लिए गए फैसलों का असर चुनावी प्रदर्शन पर पड़ा है। उन्होंने संगठन की कार्यशैली और जिम्मेदारियों की नए सिरे से समीक्षा करने की मांग की। राजद में बढ़ती यह बयानबाजी अब पार्टी नेतृत्व के लिए नई चुनौती बनती दिखाई दे रही है।

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