रिपोर्ट : इंडो-नेपाल बॉर्डर से हमारे न्यूज़ ब्यूरो
वाल्मीकि सेवा दल की ओर से उक्त व्यक्ति को सुरक्षित उसके घर लौरिया के सिसवा बसंतपुर बाजार पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
वाल्मीकिनगर, (संतोष कुमार)। कहते हैं कि ऊपर वाले की कृपा हो तो वर्षों से बिछड़े अपने भी एक दिन मिल जाते हैं। ऐसा ही एक भावुक कर देने वाला दृश्य वाल्मीकिनगर में देखने को मिला, जहां करीब छह वर्षों से अपने परिवार से बिछड़ा एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति आखिरकार अपने परिजनों से मिल गया। बताया जाता है कि उक्त व्यक्ति पिछले कई वर्षों से अपने परिवार से दूर भटक रहा था।

इसी बीच उसके परिवार के सदस्य पत्नी, बहन, भाई, भतीजा और पिता भोलेनाथ का जलाभिषेक करने वाल्मीकि नगर पहुंचे थे। इसी दौरान ईश्वर की कृपा से उनकी मुलाकात अपने बिछड़े परिजन से हो गई। लंबे अरसे बाद अपनों को सामने देखकर परिवार के सदस्यों की आंखें नम हो गईं और माहौल बेहद भावुक हो उठा। परिवार से मिलन की इस खबर ने आसपास के लोगों को भी भावुक कर दिया। अब वाल्मीकि सेवा दल की ओर से उक्त व्यक्ति को सुरक्षित उसके घर लौरिया के सिसवा बसंतपुर बाजार पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

वाल्मीकि सेवा दल के संतोष रौनियार ने समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि आज गोल चौक, दादा होटल के पास पहुंचकर इस नेक कार्य में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि किसी बिछड़े हुए इंसान को उसके परिवार तक पहुंचाना केवल मदद नहीं, बल्कि मानवता की सच्ची सेवा है। छह वर्षों के लंबे इंतजार के बाद परिवार का मिलन अपने आप में एक ऐसी कहानी बन गया, जिसने यह संदेश दिया कि इंसानियत और सेवा की भावना से किया गया छोटा सा प्रयास भी किसी परिवार की जिंदगी में बड़ी खुशी ला सकता है।








