रिपोर्ट : पटना डेस्क
इसके लिए भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के पदाधिकारियों की टीम ने बिहार का दौरा कर साइट सर्वे की प्रक्रिया शुरू कर दी है
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
पटना, (विशेष ब्यूरो)। बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और हरित परिवहन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया गया है। पीएम ई-ड्राइव योजना के अंतर्गत प्रथम चरण में राज्य के 23 जिलों के 129 चिह्नित लोकेशन पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के पदाधिकारियों की टीम ने बिहार का दौरा कर साइट सर्वे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। योजना के सफल क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को पटना स्थित विश्वेश्वरैया भवन में परिवहन विभाग के सचिव राज कुमार, भारी उद्योग मंत्रालय के निदेशक अमरेंद्र किशोर सिंह और BHEL के महाप्रबंधक जे.के. पटनायक की मौजूदगी में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में सर्वे और चार्जिंग स्टेशन स्थापना की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय के समन्वय से BHEL की टीम 17 अगस्त से 20 अगस्त तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में सर्वे करेगी। प्रथम चरण के तहत टीम द्वारा पटना, गया, वैशाली, पूर्णिया, नालंदा और छपरा जिलों में स्थित 72 अलग-अलग प्रमुख लोकेशनों का भौतिक जायजा लिया जा रहा है। साइट सर्वे के दौरान प्रस्तावित भूखंडों की उपयुक्तता, विद्युत कनेक्टिविटी (पावर सप्लाई), स्थान की उपलब्धता और वाहनों की पहुंच जैसी तकनीकी सुविधाओं का बारीकी से परीक्षण किया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह पहल केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव (PM E-Drive) योजना का हिस्सा है, जिसे सितंबर 2024 में कुल 10,900 करोड़ रुपये के बजट के साथ अधिसूचित किया गया था। इस योजना में देश भर में सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है। राज्य के प्रमुख राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों और घने शहरी क्षेत्रों में चार्जिंग स्टेशन बनाने पर मुख्य जोर रहेगा। इससे न केवल लंबी दूरी तय करने वाले ईवी चालकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि शहरों में दैनिक आवाजाही करने वाले लोगों के लिए भी चार्जिंग बुनियादी ढांचा सुलभ हो जाएगा। परिवहन सचिव राज कुमार ने कहा कि मजबूत चार्जिंग नेटवर्क का निर्माण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। हाईवे और शहरी क्षेत्रों में स्टेशन बनने से लोगों का इलेक्ट्रिक वाहनों पर भरोसा बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि साइट सर्वे इस पूरी परियोजना की सफलता के लिए एक अहम पड़ाव है। सर्वे कार्य को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए संबंधित जिला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे BHEL की टीम को हर संभव प्रशासनिक और तकनीकी सहायता प्रदान करें। सरकार का लक्ष्य बिहार को जल्द से जल्द स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन प्रणाली से लैस करना है।
भारी उद्योग मंत्रालय के निदेशक अमरेंद्र किशोर सिंह के अनुसार, बिहार परिवहन विभाग से 23 शहरों के 129 स्थानों का प्रस्ताव मिला था। इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए BHEL को प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटिंग एजेंसी (PIA) नियुक्त किया गया है, जो राज्य में ईवी इकोसिस्टम को मजबूती प्रदान करेगी।








