रिपोर्ट : बेतिया डेस्क, उप-संपादक
दादी प्रकाशमणि जी की 19वीं स्मृति दिवस पर रक्तदान कर दिया मानवता का संदेश
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। दादी प्रकाशमणि जी की 19वीं स्मृति दिवस के पावन अवसर पर ब्रह्माकुमारीज के प्रभु उपवन भवन, संत घाट, बेतिया में “विश्व बंधुत्व रक्त महाअभियान” के अंतर्गत भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज के रक्तदान वीरों ने पूरे उमंग, उत्साह और सेवाभाव के साथ रक्तदान कर मानवता की सेवा का प्रेरणादायी संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ बेतिया नगर निगम की मेयर श्रीमती गरिमा देवी सिकारिया, आरक्षित उपाअधीक्षक देवानंद रावत, जीएमसीएच के मैनेजर कुमार विशाल, डॉ. प्रशांत, डॉ. तबीज, अजय केसान एवं ब्रह्माकुमारी अंजना दीदी द्वारा सम्मानित करते हुए संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। दीप प्रज्वलन के साथ ही कार्यक्रम स्थल पर सेवा, मानवता और विश्व बंधुत्व की भावना का सुंदर वातावरण बना। एसपी मुख्यालय से अर्चना कुमारी जी ब्लड डोनेशन कैंप का मुआयना किया और डोनर के उमंग उत्साह को बढाई इस अवसर गरिमा देवी सिकारीया ने कहा रक्तदान केवल रक्त देने काउ कार्य नहीं, बल्कि किसी अनजान व्यक्ति के जीवन में आशा और जीवन की नई किरण देने का महान कार्य है। एक स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान किसी जरूरतमंद परिवार के लिए सबसे अमूल्य उपहार बन सकता है। देवानंद रावत जी ने कहा रक्त अगर हम देते हैं तो फिर नया हमारे शरीर के अंदर बनता है रक्तदान वास्तव में एक बहुत बड़ा दान है और इसमें हमें बढ़ चढ़कर भाग लेना चाहिए हमारे पुलिस लाइन से रक्त वीरों द्वारा समय-समय पर रक्त का सहयोग समाज को दिया जाता है। ब्रह्माकुमारी अंजना दीदी ने कहा कि दादी प्रकाशमणि जी ने अपना संपूर्ण जीवन मानवता, विश्व बंधुत्व, प्रेम, शांति और सेवा के लिए समर्पित किया। उनकी स्मृति दिवस पर रक्तदान जैसा पुनीत कार्य उनके मानवतावादी आदर्शों को सच्ची श्रद्धांजलि हैआपके द्वारा दिया गया रक्त चार जरुरत मंद लोग के काम आता है और उनकी अदृश्य दुआएं आपको प्राप्त होती है साथ ही साथ रक्त दान के प्रति जो भ्रांति समाज में है वह भी दुर होती है इसलिए समाज को बढ़ कर इस तरह के आयोजन में भाग लेना चाहिए उन्होंने सभी से आह्वान किया कि समाज में सेवा की भावना को बढ़ाते हुए जरूरतमंदों के जीवन की रक्षा के लिए आगे आएं। कार्यक्रम में उपस्थित जी एम सी एच से आए हुए कर्मचारी अतिथियों ने रक्तदान करने वाले सभी रक्तदान वीरों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके सेवाभाव की सराहना की। रक्तदाताओं ने कहा कि किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने में अपना योगदान देना उनके लिए गर्व और आत्मिक संतुष्टि का विषय है।
“रक्तदान—मानवता की पहचान, एक बूंद रक्त—किसी के जीवन की मुस्कान।”
दादी प्रकाशमणि जी की स्मृति को समर्पित यह महाअभियान समाज में प्रेम, करुणा, सहयोग और विश्व बंधुत्व का संदेश देते हुए मानव सेवा की प्रेरणा बना।








