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Post: वाल्मीकिनगर बराज पर बढ़ा दबाव, गंडक नदी में उफान की आशंका को लेकर पूर्वी चम्पारण के चार अंचलों में अलर्ट

वाल्मीकिनगर बराज पर बढ़ा दबाव, गंडक नदी में उफान की आशंका को लेकर पूर्वी चम्पारण के चार अंचलों में अलर्ट

रिपोर्ट : पटना डेस्क, विशेष ब्यूरो 

संभावित बाढ़ के मद्देनजर जिलाधिकारी ने गंडक नदी से जुड़े अरेराज, संग्रामपुर, केसरिया और पहाड़पुर अंचलों में अलर्ट जारी करते हुए प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया है

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

–  अमिट लेख

पटना, (विशेष ब्यूरो)। नेपाल के रास्ते होकर आने वाली नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि की संभावना को देखते हुए वाल्मीकिनगर बराज पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई गई है। बराज से अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने की स्थिति में गंडक नदी के जलस्तर में भी अचानक वृद्धि हो सकती है। संभावित बाढ़ के मद्देनजर जिलाधिकारी ने गंडक नदी से जुड़े अरेराज, संग्रामपुर, केसरिया और पहाड़पुर अंचलों में अलर्ट जारी करते हुए प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन शाखा, बाढ़ प्रमंडल मोतिहारी सहित संबंधित स्थानीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर संभावित स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गंडक नदी में अचानक पानी बढ़ने से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में राहत एवं बचाव से जुड़ी सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। जिलाधिकारी ने गंडक तटबंध एवं निचले इलाकों में विशेष निगरानी रखने तथा वहां रहने वाले लोगों को जागरूक और सचेत करने का निर्देश दिया है। संबंधित अंचलों के अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को लगातार पेट्रोलिंग करने का निर्देश दिया गया है। वहीं, सिविल सर्जन एवं जिला पशुपालन पदाधिकारी को आवश्यक दवाओं के साथ मेडिकल टीम तैयार रखने तथा चिन्हित स्थानों पर टीमों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है। जिला पंचायत राज पदाधिकारी को संबंधित प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों के साथ बैठक कर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से ग्रामीण स्तर पर जागरूकता बैठकें आयोजित कराने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य संभावित बाढ़ की स्थिति में लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों की ओर जाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने के लिए तैयार करना है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ के दौरान आवश्यक राहत, बचाव, चिकित्सा, पशु चिकित्सा, नाव एवं अन्य संसाधनों से संबंधित सभी व्यवस्थाओं की मुकम्मल तैयारी पहले से पूरी रखें। प्रशासन संभावित जलस्तर वृद्धि पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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