रिपोर्ट : उप-संपादक, छपरा डेस्क
पूर्व आईपीएस अधिकारी समेत कई गणमान्य लोगों ने दी श्रद्धांजलि
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
मांझी/एकमा (सारण)। बिहार सरकार के सेवानिवृत्त अपर सचिव एवं मांझी प्रखंड के नचाप गांव निवासी अदालत सिंह के निधन के बाद बुधवार की देर शाम उनके पैतृक गांव नचाप में श्राद्ध कर्म एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर बिहार व उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे गणमान्य लोगों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों, साहित्यकारों, पत्रकारों, परिजनों एवं ग्रामीणों ने दिवंगत अदालत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा में पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं वरिष्ठ जन सुराज नेता डॉ. जयप्रकाश सिंह, आकाशवाणी के लोकप्रिय कवि एवं गायक कलाकार राजनाथ सिंह राकेश, प्रो. अजीत कुमार सिंह, आप नेता भूपेंद्र प्रसाद सिंह, सेवानिवृत कर्मचारी कल्याण समिति के कार्यकारी अध्यक्ष परमेश्वर सिंह,

बिगहा निवासी सूर्य देव लाल, डीलर मदन गोपाल सिंह, भाजपा नेता मुकेश कुमार सिंह, श्रीभगवान सिंह, श्रीनारायण सिंह, सुभाष सिंह, प्रो. उमेश कुमार सिंह, आशीष कुमार सिंह, शिक्षाविद ई. जयप्रकाश सिंह, जदयू के वरिष्ठ नेता राजीव कुमार शर्मा, जन सुराज नेता खुर्शीद नैयर, संजय कुमार सिंह, वरिष्ठ पत्रकार के. के. सिंह सेंगर, मुकेश्वर कुमार सिंह मुन्ना, अवधेश सिंह, कुणाल कुमार सिंह, बारिन्द्र सिंह, मनोज सिंह, सुनील कुमार सिंह, सुरेश सिंह, दिनेश सिंह, गोबिंद सिंह, सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश, बिहार, नई दिल्ली समेत विभिन्न शहरों से पहुंचे शुभचिंतकों के साथ नचाप गांव ववैभै के ग्रामीणों और परिजनों ने भी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

श्राद्ध कर्म एवं ब्रह्म भोज में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने अदालत सिंह के प्रति लोगों के सम्मान और उनके व्यापक सामाजिक संपर्क को दर्शाया। श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने उनके प्रशासनिक जीवन, ईमानदारी, सादगी, संघर्षशीलता और गांव के प्रति गहरे लगाव को याद किया। स्वर्गीय अदालत सिंह ने बेहद सामान्य किसान परिवार से निकलकर अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर बिहार प्रशासनिक सेवा में महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया था। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और प्रथम प्रयास में ही बीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर पूरे बिहार में 17वीं रैंक हासिल की। डिप्टी कलेक्टर से लेकर एसडीओ, एडीएम, निदेशक और अपर सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए उन्होंने प्रशासनिक सेवा में अपनी अलग पहचान बनाई। सेवानिवृत्ति के बाद उनका अधिकांश समय अपने पैतृक गांव नचाप में ही बीतता था। छोटे बच्चों को शिक्षा देने के लिए दिव्य गुरुकुल नामक शिक्षण संस्थान का संचालन कर्ता भी थे। ग्रामीणों के साथ उनका सहज व्यवहार और गांव की मिट्टी से उनका जुड़ाव उन्हें आम लोगों के बीच खास बनाता था। नचाप गांव निवासी शिक्षाविद प्रो. अजीत कुमार सिंह एवं प्रो. उमेश कुमार सिंह सहित ग्रामीणों ने कहा कि अदालत सिंह का जीवन संघर्ष, सादगी और ईमानदारी की मिसाल रहा। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले इस सपूत का निधन क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को लोग लंबे समय तक याद रखेंगे। उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए उन्हें शत-शत नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।








