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जीवित्पुत्रिका व्रत पर बन रहा खास संयोग

शनिवार 7 अक्टूबर की सुबह 10:21 बजे के बाद टिका जायेगा ओरी

न्यूज़ डेस्क, मोतिहारी ब्यूरो

दिवाकर पाण्डेय

–  अमिट लेख
मोतिहारी, (जिला ब्यूरो)। संतान की कुशलता और वंश वृद्धि की कामना के लिए महिलाएं निर्जला जीवित्पुत्रिका व्रत (जिउतिया व्रत ) करती है। इस वर्ष अश्विन कृष्ण अष्टमी तिथि (शुक्रवार, 6 अक्टूबर) को जितिया का उपवास होगा। कुल 28 घंटों तक उपवास रहेगा। इस दिन अष्टमी तिथि अपराह्न काल, प्रदोष काल और चंद्रोदय व्यापिनी होने से यह ब्रह्मभाव हो गया है। आपको बता दें कि जीवित्पुत्रिका अर्थात जितिया का व्रत एकमात्र ऐसा त्योहार है, जो महिलाएं अपने पुत्रों के लिए करती है। महिलाएं कुश से जीमूतवाहन की मूर्ति बनाकर उनकी पूजा करती है। साथ में माता लक्ष्मी व देवी दुर्गा की पूजा करने के बाद माताएं ब्राह्मणों से जीमूतवाहन की कथा सुनकर उनको दक्षिणा प्रदान करेंगी।

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