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Post: संसदीय चुनाव में पांच सीट भी नहीं जीत सकेंगे नीतीश कुमार – पीके

संसदीय चुनाव में पांच सीट भी नहीं जीत सकेंगे नीतीश कुमार – पीके

नीतीश की हालत पेण्डुलम जैसी, समाज में खो चुके हैं जनाधार

न्यूज़ डेस्क, मोतिहारी ब्यूरो 

–  अमिट लेख

मेजरगंज, (एक प्रतिनिधि)। जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने कहा है कि आगामी संसदीय चुनाव में जदयू बिहार में पांच सीट भी नहीं जीत सकता है। नीतीश कुमार के कूर्सी मोह से उनकी लोकप्रियता समाज में समाप्त हो गयी है। उन्होंने उक्त बातें अपनी पदयात्रा के दौरान प्रखण्ड क्षेत्र के विभिन्न गांवों का भ्रमण एवं आयोजित नुक्कड़ सभाओं को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि पहले के नीतीश कुमार में और आज़ के नीतीश कुमार में जमीन आसमान का फर्क है। पहले समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता दिखती थी किन्तु पिछले दस-बारह वर्षों से वे केवल कुर्सी पर चिपके रहने की राजनीति कर रहे है। उनकी हालत पेण्डुलम जैसी हो गई है। कब भाजपा के साथ और कब राजद के साथ गठजोड़ बना लेंगे यह कहना मुश्किल है। उनकी विश्वसनीयता समाज में समाप्त सी हो गई है। जिस लालू जी के राज़ को जंगल राज तथा भ्रष्टाचारी राज़ कहते नहीं थकते थे वहीं राजद और लालू जी उनकी नजर में बहुत अच्छे हो गये है। उन्होंने कहा कि मिडिया वाले उन्हें इंडिया गठबंधन के संयोजक बनाए जाने की भविष्यवाणियां करते नहीं थक रहे हैं जिन्हें मैं स्पष्ट बता दूं कि ऐसी दूर – दूर तक कोई संभावना नहीं है। जिसके पास एक भी सांसद नहीं है और जो अगले आम चुनाव में पांच सांसद भी नहीं जिता सकते उन्हें किस हिसाब से कोई संयोजक बना देगा? प्रशांत किशोर ने कहा कि जिस नीतीश कुमार पर दलबदलू होने, विकास नहीं कराने, शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं करने,कल कारखाना स्थापित नहीं कराने, युवाओं को रोजगार नहीं उपलब्ध कराने, रोज़ जारी पलायन को रोकने में असफल होने और नौवीं फेल तेजस्वी यादव के साथ सरकार चलाने का सामाजिक आरोप है वह देश का प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं। जो कदापि संभव नहीं है। एक सौ तेरह विधायकों वाली नीतीश कुमार का जदयू अब सिमट कर मात्र पैंतालीस विधायकों वाली पार्टी हो गई है जो संसदीय चुनाव के बाद बिहार में समाप्त हो जाएगी।‌ उन्होंने कहा कि कोई गारंटी नहीं कि नीतीश बाबू कब राजद का दामन छोड़ भाजपा में चलें जाएं। प्रशांत किशोर ने कहा कि जब तेजस्वी यादव को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिए हैं तो जल्दी उन्हें मुख्यमंत्री पद पर बैठा देना चाहिए। इसके लिए उन्हें कौन रोक रहा है। उन्होंने नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव से सवाल पूछा कि जातिगत सर्वे में अति पिछड़ों की संख्या सर्वाधिक है तब मंत्री मण्डल में अतिपिछड़ों को उनकी आबादी के हिसाब से उचित प्रतिनिधित्व क्यों नहीं दे रहे ? प्रशांत किशोर ने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी आड़े हाथों लिया और पूछा कि पिछले दस सालों के शासनकाल में बिहार के लिए प्रधानमंत्री ने क्या किया? गुजरात में रोज नये नये कारखाने खुल रहे हैं तो बिहार में क्यों नहीं? रीगा चीनी मिल तीन वर्षों से बंद है, किसानों का कई करोड़ रुपए मिल पर बकाया है। उसे क्यों नहीं चालू करा रहे? किसानों का भुगतान क्यों नहीं कराया जा रहा है? उक्त जानकारी देते हुए जन सुराज के मुख्य प्रवक्ता और प्रशांत किशोर के साथ लगातार पदयात्रा कर रहे संजय कुमार ठाकुर ने दी। उन्होंने बताया कि प्रशांत किशोर के साथ सैकड़ों पदयात्रियों ने मेजरगंज प्रखण्ड के डुमरी, डूमरी खूर्द, डूमरी कला,पचहरवा, हनुमान नगर, बैद्यनाथपुर,खैरवा, मेजरगंज,कोआरी मदन, बैरगनिया प्रखण्ड के सोना ख़ान, अख्ता उत्तरी, अख्ता पूर्वी, रामनगरा, बभनगांवा, ससौला, नन्दवारा ,बेंगाही,बेल, अख्ता पश्चिमी, चकवा,पताही, मड़पा आदि गांवों की पदयात्रा की जहां दर्जनों जन सभाओं को प्रशांत किशोर ने संबोधित किया।

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