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Post: जिस गाड़ी पर लालू प्रसाद पटना में करते हैं सफर, प्रदूषण और फिटनेस फेल

जिस गाड़ी पर लालू प्रसाद पटना में करते हैं सफर, प्रदूषण और फिटनेस फेल

फाइन की जगह पुलिस करती है गाड़ी की सुरक्षा

न्यूज़ डेस्क, पटना

पूजा शर्मा

अमिट लेख

पटना, (कार्यालय ब्यूरो)। राजधानी में ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर फाइन से बचना मुश्किल है। पटना ट्रैफिक पुलिस तत्काल फोन पर मैसेज कर जुर्माना लगा देती है। लेकिन यह नियम सिर्फ पटना के आम लोगों के लिए है। पटना में अगर ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर फाइन से बचना मुश्किल है। पटना ट्रैफिक पुलिस तत्काल फोन पर मैसेज कर जुर्माना लगा देती है।

लेकिन यह नियम सिर्फ पटना के आम लोगों के लिए है। वीआईपी गाड़ियों पर पटना के ट्रैफिक पुलिस का यह नियम लागू नहीं होता है। बल्कि खुद पुलिस की गाड़ी उनकी सुरक्षा में आगे पीछे चलती है। यहां बात जिस वीआईपी गाड़ी की बात हो रही है, वह और किसी की नहीं, बल्कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की गाड़ी है। यह वही गाड़ी है, जिसमें लालू प्रसाद पिछले कुछ महीने से पटना में घूमते हुए नजर आते हैं। अब इस गाड़ी को लेकर बताया जा रहा है कि 23 महीने पहले ही इसका इश्योरेंस खत्म हो गया है। 26 जुलाई 2019 के बाद से फिटनेस सर्टिफिकेट ‘एक्सपायर’ है और, शायद नियंत्रित प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) की इस वीआईपी गाड़ी को जरूरत कभी नहीं पड़ी। राष्ट्रीय जनता दल बिहार के नाम से इस गाड़ी का रजिस्ट्रेशन है। भारत सरकार के एम परिवहन एप के डाटा के सहारे बिहार सरकार आम लोगों की गाड़ी का चालान कर रही है और इसी के एप पर ऑनलाइन चालान की भी जानकारी अपडेट की जाती है। इस एप पर रजिस्ट्रेशन नंबर BR01PF4647 से निबंधित फोर्स ट्रेवलर स्कूद गाड़ी न तो फिट दिख रही है और न प्रदूषण मुक्त। इस गाड़ी का बीमा भी 28 सितंबर 2021 को ही खत्म हो चुका है। बीमा का डाटा भी इसी साइट से लिया गया है। एकमुश्त पांच साल के कराए बीमा में कई बार तकनीकी गड़बड़ी के कारण एम परिवहन पर एक ही साल बाद यह अवैध दिखाता है, इसलिए संभव है कि ऐसा हो। पिछले चार माह से ज्यादा गुजर गए जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह विभाग ने वाहनों के चालान की ‘ऑटोमैटिक’ व्यवस्था की। फिर भी इस गाड़ी का चालान नहीं कटता। एक बड़ी वजह यह कि इस गाड़ी से राज्य के वीआईपी घूमते हैं। ऐसे वीआईपी, जिनके पास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद भी जाते हैं। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव इस गाड़ी से चलते हैं। इस गाड़ी के आगे-पीछे पुलिस जिप्सी चलती है। इस गाड़ी के निकलते समय आम आदमी की गाड़ियों को जहां-तहां रोक देती है पुलिस। लेकिन, बिहार पुलिस या परिवहन विभाग के किसी अधिकारी की हिम्मत नहीं कि वह इस गाड़ी के बारे में जांच-पड़ताल करें। ऐसा भी नहीं कि यह गाड़ी राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के नाम की है या सरकारी है। फोर्स ट्रेवलर स्कूद गाड़ी (BR01PF4647) राष्ट्रीय जनता दल बिहार के नाम पर 18 जून 2015 से रजिस्टर्ड है। राजद अध्यक्ष जब से रांची की जेल से निकले हैं, तब से अनगिनत बार इसी गाड़ी से पटना में निकले हैं।

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