बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :
वर्ष 2023 से अब तक बोर्ड और सशक्त स्थायी समिति द्वारा पारित दर्जनभर प्रस्तावों पर महापौर ने नगर आयुक्त से किया है कड़ी कार्रवाई का अनुरोध
नगर निगम के स्वच्छता प्रबंधक और निरीक्षकों के स्तर से कार्रवाई में घाल मेल और उदासीनता पर महापौर ने जताया रोष
बीते अप्रैल में ही 10 फर्जी सफाई कर्मियों से भुगतान की वसूली और 35 को हटाने के पारित प्रस्ताव पर अमल नहीं होने पर कड़ी कार्रवाई का किया है अनुरोध
न्यूज़ डेस्क, जिला पश्चिम चंपारण
मोहन सिंह
– अमिट लेख
बेतिया, (ए.एल.न्यूज़)। नगर निगम के विभिन्न वार्डों की सफाई व्यवस्था में फर्जीवाड़ा की खबर सोशल मीडिया से लेकर समाचार पत्रों में लिखे जाने पर महापौर गरिमा देवी सिकारिया कड़ा रुख अख्तियार किया है। इसको लेकर नगर आयुक्त श्री लक्ष्मण तिवारी को पत्र लिख कर वर्ष 2023 से लेकर अब तक की विभिन्न बैठकों में नगर निगम बोर्ड और सशक्त समिति द्वारा पारित दर्जनभर से ज्यादा प्रस्तावों का उल्लेख के साथ नगर निगम प्रशासन के संबद्ध स्वच्छता निरीक्षक और स्वच्छता प्रबंधन पदाधिकरियों की कार्यशैली पर आपत्ति के साथ सवाल उठाया है। महापौर श्रीमति सिकारिया ने अपने संबंधित पत्र में कहा है कि नगर निगम के वार्डों की साफ सफाई व्यवस्था में फर्जीवाड़ा की खबर परवान चढ़ रही है। इसमें हैरत की बात है कि नगर निगम प्रशासन के अंग के रूप में कार्यरत स्वच्छता अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी तक की रिपोर्ट सक्षम प्राधिकार तक पहुंचने से पहले समाचार माध्यमों पर हाईलाइट हो रही है। इसको लेकर महापौर ने लिखा है कि वर्ष 2023 से वर्ष 2025 तक की अनेक बैठकों में नगर निगम बोर्ड और सशक्त समिति द्वारा विभिन्न वार्डों की सफाई व्यवस्था में भ्रष्टाचार उजागर होने पर विधि सम्मत कार्रवाई और फर्जीवाड़े का सत्यापन के आधार पर बैंक एकाउंट्स के माध्यम से भुगतान की गई राशि की वापस वसूली और कानूनी कार्रवाई के प्रस्तावों का अब तक पूर्णरूपेण अनुपालन नहीं किया जा सका है। इसको लेकर आम जनता में भी नगर निगम प्रशासन की छवि धूमिल हो रही है। इस प्रकरण में मैं बीते 29 अप्रैल 2025 को पारित प्रस्ताव पर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहूंगी, कि उक्त तिथि को संपन्न बोर्ड की सामान्य बैठक में प्रशासनिक स्तर से 10 फर्जी सफाई कर्मियों के मद एक बड़ी राशि का भुगतान होना स्वीकार किया गया है। उक्त राशि की कड़ाई के साथ वसूली और विभिन्न वार्डों में संदिग्ध या ट्रेस लेस पाए गए 35 अन्य सफाई कर्मियों को हटाने का प्रस्ताव पारित किया गया था। महापौर श्रीमति सिकारिया ने कहा कि बावजूद इसके 10 सफाई कर्मियों से राशि की वसूली का पारित प्रस्ताव पर भी आज तक पूर्णरूपेण अमल नहीं होने के असर से भी नगर निगम प्रशासन की छवि धूमिल हो रही है। ऐसे में आपसे अनुरोध है कि उपरोक्त सभी पारित प्रस्तावों का अनुपालन सहित नगर निगम क्षेत्र के सभी 46 वार्डों में कार्यरत एक एक सफाईकर्मी के मद में कोई भी भुगतान केवल वार्ड जमादार/निरीक्षक/स्वच्छता पदाधिकारी की जिम्मेदारी/सत्यापन पर करने पर रोक लगाते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच के बाद फर्जी सफाई कर्मियों से राशि वसूली के साथ इस फर्जीवाड़े में शामिल एक एक की पहचान कर के उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने तक की कार्रवाई की जाए।








