छपरा से हमारे प्रमंडलीय ब्यूरो का संकलन :
सीबीएसई बोर्ड कक्षा 10 के परीक्षा प्रणाली में बदलाव के बाद अब साल में दो बार परीक्षा दे सकेंगे विद्यार्थी
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
संवाददाता
– अमिट लेख
एकमा, (सारण)। रिद्धि-सिद्धि सेंट्रल स्कूल नचाप में कक्षा 10 के प्री-बोर्ड परीक्षाफल के बाद आयोजित अभिभावक–शिक्षक बैठक (पीटीएम) को संबोधित करते हुए स्कूल के प्राचार्य दशरथ साह ने कहा कि सीबीएसई कक्षा 10वीं की परीक्षा प्रणाली में 2026 से बड़ा बदलाव किया गया है, जिसके तहत छात्र अब साल में दो बार बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे।

यह परीक्षा फरवरी व मई में आयोजित होगी। ताकि बच्चों का तनाव कम हो व बेहतर अंक लाने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि सीबीएसई बोर्ड द्वारा पहली परीक्षा अनिवार्य है और दूसरी सुधार के लिए वैकल्पिक होगी। विशेष बात यह है कि दोनों में से अच्छे अंक फाइनल माने जाएंगे और नई मार्कशीट में इंटरनल असेसमेंट के साथ दोनों परीक्षाओं के अंक दिखाई देंगे। उन्होंने कहा कि नई मार्कशीट में इंटरनल असेसमेंट के अंक, दोनों परीक्षाओं के अंक और दोनों में से जो बेहतर स्कोर होगा, वह फाइनल स्कोर के रूप में ही दिखेगा।
11वीं कक्षा में प्रवेश में होगी सहुलियत :
स्कूल के एकेडमिक इंचार्ज उमेश कुमार सिंह ने कहा कि पहली परीक्षा के बाद मिलने वाले मार्क्स स्टेटमेंट के आधार पर 11वीं में प्रोविजनल एडमिशन हो सकेगा। दूसरी परीक्षा के बाद फाइनल एडमिशन होगा।
परीक्षा पैटर्न में बदलाव का उद्देश्य तनाव कम करना :
बताया गया है कि यह बदलाव छात्रों पर से परीक्षा के दबाव को कम करने व रटने की बजाय गहरी समझ विकसित करने के लिए किया गया है। उल्लेखनीय है कि यह सुधार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत लागू किए जा रहे हैं।
परीक्षा का पहला व दूसरा चरण :
फरवरी माह में बोर्ड परीक्षा होगी व परिणाम अप्रैल में आएंगे। जिससे 11वीं में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। मई माह में दूसरी परीक्षा आयोजित होगी। जून माह में फाइनल परिणाम के साथ प्रिंटेड मार्कशीट मिलेगी, जिसमें दोनों परीक्षाओं के सर्वश्रेष्ठ अंक शामिल होंगे। सीबीएसई बोर्ड द्वारा इस साल से किए गए परीक्षा पैटर्न में बदलाव की अभिभावकों द्वारा सराहनीय बताया गया।








