छपरा से हमारे प्रमंडलीय ब्यूरो का संकलन :
वसंत पंचमी पर पारंपरिक श्रद्धा व उल्लास के साथ विभिन्न स्थानों पर हुई मां सरस्वती की पूजा-अर्चना
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
संवाददाता
– अमिट लेख
एकमा, (सारण)। वसंत पंचमी के अवसर पर शुक्रवार को एकमा नगर पंचायत व प्रखंड क्षेत्र समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों में विद्या, बुद्धि, कला व संगीत की अधिष्ठात्री मां शारदे की पूजा-अर्चना विभिन्न शिक्षण संस्थानों एवं पूजा समितियों द्वारा पारंपरिक श्रद्धा व उत्साह के साथ की गई।

नगर पंचायत एकमा बाजार, एकमा प्रखंड मुख्यालय व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में माता सरस्वती की पूजा पारंपरिक ढंग से आयोजित की गई। विभिन्न स्थानों पर स्थापित प्रतिमाएं व आकर्षक सजावट श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। एकमा प्रखंड मुख्यालय स्थित शिव मंदिर परिसर में साह पूजा समिति के तत्वावधान में सरस्वती पूजा विधिवत आयोजित हुई। रामाधार सिंह टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज एकमा में सचिव ई. जयप्रकाश सिंह व ट्रस्टी राजीव कुमार शर्मा के नेतृत्व में पूजा-अर्चना की गई।

गुरुकुल पब्लिक स्कूल में निदेशक रतन सिंह, रिद्धि-सिद्धि सेंट्रल पब्लिक स्कूल नचाप में निदेशक राकेश कुमार सिंह व संयुक्त निदेशक मुकेश कुमार सिंह, ग्रोथ प्ले स्कूल ब्लॉक रोड एकमा में विनय कुमार सिंह विक्की के द्वारा सरस्वती पूजा का आयोजन किया गया। वहीं यमुना सिंह इंटर कॉलेज एकमा में कामेश्वर कुमार सिंह मुन्ना व प्रो अभय कुमार सिंह, केएन सिंह इंटर कॉलेज नचाप में संस्थापक सचिव परमेश्वर सिंह, राजकिशोर सिंह इंटर कालेज सफरी में प्राचार्य उज्ज्वल कुमार व प्राध्यापक विज्ञान सिंह के दिशा-निर्देश में विधि-विधान से पूजा की गई। इन सभी स्थलों पर हवन-पूजन व भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। नचाप गांव में सेवेन स्टार पूजा समिति सहित कई स्थानों पर छात्र-युवाओं ने मिलकर सरस्वती पूजन एवं हवन का आयोजन किया, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा। इसके अलावा हंसराजपुर, एकमा, राजापुर, भरहोपुर, आमडाढ़ी, गौसपुर, पचरुखिया, हरपुर, नरहनी, छित्रवलिया, योगिया, रसूलपुर, नचाप, भजौना, लालपुर, देकुली, पचरुखिया, रामपुर, सालिमपट्टी, परसागढ़, एकड़ीपुर, भोरहोपुर, नवतन, माने, विष्णुपुरा कला, रामपुर विंदालाल, सफरी, देवपुरा, असहनी, लाकठ छपरा, पांडेय छपरा, भट्टोली आदि गांवों में भी पारंपरिक ढंग से मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की गई। पूजन के उपरांत प्रसाद वितरण व भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। इस दौरान पूरे क्षेत्र में दिनभर श्रद्धा, भक्ति व सांस्कृतिक उल्लास का माहौल बना रहा।








