बेतिया से उप-संपादक का चश्मा,:
नगर निगम के वार्ड दो क्षेत्र में लचर सफाई पर बिफ़रीं महापौर
पूरे नगर निगम क्षेत्र में साफ़ सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए स्वच्छता अधिकारी और निरीक्षक को दिए सुधार के कड़े निर्देश
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। नगर निगम क्षेत्र के वार्ड 02 क्षेत्र में लगातार मिल रही जनशिकायतों के बाद गुरुवार को महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने वार्ड के संबंधित क्षेत्र का निरीक्षण किया। उस दौरान जगह जगह कचरे और गंदगी की ढेर पाकर महापौर ने नगर निगम के स्वच्छता अधिकारी अर्पित कुमार और प्रभारी मोहम्मद तबरेज को बुलाकर गंदगी के ढेर को दिखाते हुए कर कड़ा रुख अपनाया।

साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने कड़ा रुख अपनाया है। वार्ड क्षेत्र का भ्रमण के दौरान महापौर को इस्लामिया नगर, जमादार टोला सहित अनेक मुहल्लों में जगह-जगह कचरे के ढेर, दुर्गंध और नालियों की बदहाल स्थिति देखने को मिली। स्थानीय लोगों ने भी उन्हें सफाई व्यवस्था की लापरवाही से अवगत कराया। मौके की गंभीरता को देखते हुए महापौर ने नगर निगम के स्वच्छता नोडल अधिकारी अर्पित कुमार तथा प्रभारी मोहम्मद तबरेज आलम को स्थल पर तलब किया। निरीक्षण के दौरान महापौर ने दोनों अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि वार्ड की सफाई वार्ड जमादार की जिम्मेदारी है, परंतु उनकी लापरवाही से यह लचर व्यवस्था बनी हुई है, जो बर्दाश्त से बाहर है। नगर की स्वच्छता व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने इसे सुधार की अंतिम चेतावनी बताते हुए निर्देश दिया कि पूरे नगर निगम क्षेत्र में नियमित, प्रभावी और समयबद्ध साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने कहा कि सफाई व्यवस्था नगर की छवि और नागरिकों के स्वास्थ्य से सीधे जुड़ी हुई है। यदि निर्धारित समय में सुधार नहीं दिखा तो संबंधित अधिकारियों और कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पूरे नगर निगम क्षेत्र में नियमित कचरा उठाव, नालियों की नियमित सफाई और कचरा प्रबंधन प्रणाली को दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए। विशेष रूप से वार्ड संख्या 2 में सफाई व्यवस्था की स्थिति को गंभीर बताते हुए महापौर ने इसकी विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वार्ड 2 में सफाई कार्यों की वास्तविक स्थिति, जिम्मेदार कर्मियों की भूमिका और लापरवाही के कारणों की जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।








