बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :
मृत लाभुकों को हटाएं, योग्य को मिले राशन का लाभ
खाद्यान्न की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा
फर्जी एवं संदिग्ध की विधिवत जांच करने का निर्देश
जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिला आपूर्ति टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न
राशन कार्ड के लिए प्राप्त आवेदनों की विस्तृत जांच कर समय पर कार्ड जारी करने का निर्देश
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में जिला आपूर्ति टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

जिसमें राशन कार्ड, खाद्यान्न वितरण तथा धान अधिप्राप्ति से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में राशन कार्ड की वर्तमान स्थिति, ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों के निष्पादन, अनुमंडल पदाधिकारी एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के लॉगइन में लंबित आवेदनों, राशन कार्ड टैगिंग, ई-केवाईसी, जन वितरण प्रणाली (जविप्र) दुकानों के निरीक्षण, एसआईओ/डोर स्टेप डिलीवरी, राशन कार्ड के आधार पर खाद्यान्न वितरण, एफसीआई एवं सीएमआर खाद्यान्न के उठाव एवं वितरण सहित अन्य कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। अपर समाहर्ता, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी-सह-जिला आपूर्ति पदाधिकारी अनिल कुमार सिन्हा ने पीपीटी के माध्यम से अब तक की प्रगति की जानकारी जिला पदाधिकारी को दी। समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि मृत व्यक्तियों के नाम हर हाल में राशन कार्ड से हटाए जाएं। फर्जी या संदिग्ध लाभुकों की विधिवत जांच की जाए। यदि जांच में लाभुक सही पाए जाते हैं तो उन्हें खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए, अन्यथा उनका नाम सूची से हटाया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि योग्य लाभुक किसी भी स्थिति में योजना से वंचित नहीं रहें और अयोग्य व्यक्ति का नाम सूची में शामिल नहीं होना चाहिए। जिला पदाधिकारी ने राशन कार्ड के लिए प्राप्त आवेदनों की विस्तृत जांच कर समय पर कार्ड जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी एमओ को रोस्टर के अनुसार नियमित रूप से जन वितरण प्रणाली दुकानों का निरीक्षण करने तथा पिछले एक वर्ष में किए गए निरीक्षणों की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लाभुकों को समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राशन वितरण में गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि इस कार्य में एमओ की लापरवाही या संलिप्तता पाई जाती है तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।उन्होंने खाद्यान्न के समय पर उठाव और वितरण को अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि गोदाम से जविप्र दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाने वाली एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर विशेष नजर रखी जाए। यदि कोई एजेंसी लापरवाही करती है या निर्धारित वाहनों के स्थान पर कम वाहनों का उपयोग करती है, तो उस पर नियमानुसार पेनाल्टी लगाई जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर उसका एग्रीमेंट रद्द कर अन्य एजेंसी को कार्य दिया जाए। जिला पदाधिकारी ने कहा कि खाद्यान्न की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। गुणवत्ता से संबंधित शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। डीएम एसएफसी एवं एजीएम को इसे हर हाल में सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया। बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत धान अधिप्राप्ति की भी समीक्षा की गई। जिला सहकारिता पदाधिकारी संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि सहकारिता विभाग के पोर्टल पर कुल 25,041 किसान निबंधित हैं, जिनमें 17,839 रैयत एवं 7,202 गैर-रैयत किसान शामिल हैं। धान अधिप्राप्ति के लिए 272 समितियों का चयन किया गया है, जिनमें 264 पैक्स एवं 8 व्यापार मंडल क्रियाशील हैं।उन्होंने बताया कि 9 मार्च 2026 तक जिले में कुल 96,507.387 मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की जा चुकी है। इस प्रक्रिया में 10,675 किसान शामिल हुए हैं, जिनमें से 10,276 किसानों को भुगतान कर दिया गया है, जबकि शेष किसानों का भुगतान प्रक्रियाधीन है। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि धान अधिप्राप्ति की प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूरी कर ली जाए तथा जिला एवं प्रखंड स्तर पर प्रतिदिन की अधिप्राप्ति रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। साथ ही पैक्सों एवं मिलों का समुचित भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सत्यापन रिपोर्ट में केवल वास्तविक स्थिति ही दर्ज की जाए। यदि इस कार्य में किसी भी पदाधिकारी द्वारा लापरवाही या शिथिलता बरती जाती है तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर समाहर्ता-सह-जिला आपूर्ति पदाधिकारी अनिल कुमार सिन्हा, जिला सहकारिता पदाधिकारी संजय कुमार सिन्हा, डीएम एसएफसी सुमित कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।








