बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :
जांच रिपोर्ट सौंपने में देरी करने वाले नगर निगम सहित अन्य अधिकारियों पर दो सप्ताह में कड़ी कार्रवाई का डीएम को निर्देश
बीते साल दायर वाद की सुनवाई पूरी करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग से पारित सख्त आदेश से मचा हड़कंप
पदमुक्त नगर पार्षद पर लगाया गया था पद के दुरुपयोग और बैठकों में बवेला मचाकर सरकारी विधायी कार्यों व्यवधान का भी आरोप
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। दो से अधिक संतान होने का तथ्य छुपाने में नगर निगम में वार्ड 24 के नगर पार्षद एनामुल हक को निर्वाचन आयोग ने तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया है।बिहार राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा वाद संख्या 04/2025 (जेबा जबीं बनाम एनामुल हक) की सुनवाई पूरी करते हुए यह सख्त फैसला बुधवार को सुनाया गया है।

आयोग ने स्पष्ट किया कि एनामुल हक ने 04 अप्रैल 2008 के बाद दो से अधिक जीवित संतान होने के कारण चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य थे। इसके बावजूद उन्होंने वैधानिक बाध्यताओं के विरुद्ध के तथ्यों को छिपाते हुए गलत शपथ पत्र तथा अंतिम संतान का भ्रामक जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर वार्ड संख्या 24, नगर निगम बेतिया से पार्षद पद पर निर्वाचन हासिल किया। राज्य निर्वाचन आयोग ने बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 18(1)(एम) एवं 18(2) के तहत उन्हें अयोग्य घोषित करते हुए तत्काल प्रभाव से पदमुक्त करने का आदेश दिया है। साथ ही वार्ड 24 का पद रिक्त घोषित कर नियमानुसार पुनः निर्वाचन कराने का निर्देश भी जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त, आयोग ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि एनामुल हक के विरुद्ध गलत हलफनामा दायर करने और तथ्य छिपाने के आरोप में अधिनियम की धारा 447 एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। वही आयोग के आदेश के विपरीत मामले में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने में अप्रत्याशित विलंब को गंभीर मानते हुए आयोग ने संबंधित जांच पदाधिकारी से स्पष्टीकरण लेने तथा दो सप्ताह के भीतर मंतव्य सहित प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया है।आयोग के इस सख्त आदेश से बेतिया नगर निगम में हड़कंप मच गया है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि नगर निगम में वार्ड 24 के पदमुक्त नगर पार्षद एनामुल हक पर वादिनि के द्वारा पद के दुरुपयोग और बैठकों में बवेला मचाकर सरकारी विधायी कार्यों व्यवधान का भी आरोप लगाया गया था। जिसका उल्लेख भी राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अपने फैसले करते हुए कृत्य की निंदा की गई है। पूर्व में एनामुल हक और उनके सहयोगी द्वारा नगर आयुक्त के चेंबर में नग्न होकर हंगामा करने का मामला भी सामने आया था।








