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Post: कलश व शोभायात्रा के साथ कामाख्या माता मंदिर परिसर भोरहोपुर में नौ दिवसीय श्री शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ

कलश व शोभायात्रा के साथ कामाख्या माता मंदिर परिसर भोरहोपुर में नौ दिवसीय श्री शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ

छपरा से हमारे उप-संपादक का संकलन : 

कार्यक्रम की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से हुई, जिसमें भोरहोपुर, सरयुपार, कोहड़गढ़, खानपुर, दुबे टोला और गंजपर सहित विभिन्न गांवों की महिलाओं ने सिर पर व हाथ में कलश धारण कर भाग लिया

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

– अमिट लेख
एकमा, (सारण)। नगर पंचायत एकमा बाजार क्षेत्र के भोरहोपुर गांव स्थित कामाख्या माता मंदिर परिसर में नौ दिवसीय श्री शतचंडी महायज्ञ का भव्य शुभारंभ सोमवार को कलश यात्रा एवं शोभायात्रा के साथ श्रद्धा और उत्साह के बीच हुआ।

फोटो : संवाददाता

ग्रामीणों के सामूहिक सहयोग से आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में आसपास के कई गांवों के श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी देखी गई, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया।

छाया : अमिट लेख

कार्यक्रम की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से हुई, जिसमें भोरहोपुर, सरयुपार, कोहड़गढ़, खानपुर, दुबे टोला और गंजपर सहित विभिन्न गांवों की महिलाओं ने सिर पर व हाथ में कलश धारण कर भाग लिया।

छाया : अमिट लेख

गाजे-बाजे, झांकियों और अश्वारोहियों के साथ निकली यह शोभायात्रा यज्ञ स्थल से नगर भ्रमण करते हुए डुमाईगढ़ स्थित सरयू नदी घाट पहुंची। वहां यज्ञाचार्य बालकृष्ण अशुतोषाचार्य के मंत्रोच्चारण के बीच वैदिक विधि-विधान से जल भरकर श्रद्धालु पुनः यज्ञ स्थल पहुंचे।

छाया : अमिट लेख

करीब एक किलोमीटर लंबी कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के जयघोष से पूरा मार्ग गूंज उठा। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में श्रद्धा के साथ कलश लेकर चल रही थीं, जिससे पूरे वातावरण में धार्मिक आस्था की अद्भुत छटा देखने को मिली। यज्ञ स्थल पहुंचने के बाद विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ महायज्ञ का शुभारंभ किया गया। पूर्व वार्ड सदस्य पिंटू सिंह ने बताया कि वाराणसी व अयोध्या से यज्ञाचार्य एवं संत-महात्माओं का आगमन हुआ है, जिनके सानिध्य में यह महायज्ञ संपन्न हो रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के सहयोग से आयोजन को भव्य स्वरूप दिया गया है।
यज्ञाचार्य बालकृष्ण अशुतोषाचार्य ने बताया कि सोमवार को कलश यात्रा, पंचांग पूजन एवं मंडप प्रवेश के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। 21 अप्रैल को दैनिक पूजन, अरणी मंथन एवं जलाधिवास जैसे वैदिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। आगामी दिनों में प्रतिदिन पूजा-पाठ, हवन, श्रद्धालुओं द्वारा यज्ञ मंडप की परिक्रमा, प्रवचन एवं भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 28 अप्रैल को विधिवत हवन-यज्ञ एवं विशाल भंडारे के साथ महायज्ञ की पूर्णाहुति होगी। इस आयोजन को सफल बनाने में भोरहोपुर नगर पंचायत सहित पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रहा है। महायज्ञ के आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर महायज्ञ में भाग लेने एवं धर्म लाभ अर्जित करने की अपील की है।

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