बांका से हमारे उप-संपादक का संकलन :
मृतक की पहचान रामचुआ गांव निवासी भवानंद सिंह के 50 वर्षीय पुत्र प्रवेश उर्फ पप्पू सिंह के रूप में हुई है
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
शंभूगंज/बांका, (प्रीतम कुमार)। शंभूगंज प्रखंड के रामचुआ गांव निवासी एक अधेड़ की ट्रेन में अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार को जैसे ही उनका शव गांव पहुंचा, अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। परिजनों के करुण क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया। मृतक की पहचान रामचुआ गांव निवासी भवानंद सिंह के 50 वर्षीय पुत्र प्रवेश उर्फ पप्पू सिंह के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि प्रवेश सिंह पिछले लगभग 20 वर्षों से गुजरात में रहकर एक निजी कंपनी में कार्यरत थे। करीब एक माह पूर्व वे अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने गांव आए थे। शादी संपन्न होने के बाद चार दिन पहले वह अपनी पत्नी अर्चना देवी और दो बच्चों के साथ ट्रेन से वापस गुजरात के लिए रवाना हुए थे।यात्रा के दौरान फतेहपुर स्टेशन के समीप अचानक उन्हें तेज चक्कर आया और उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिवार के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही उन्होंने ट्रेन में अंतिम सांस ले ली। घटना के बाद रेलवे एवं संबंधित अधिकारियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को गांव लाया गया। सोमवार को शव गांव पहुंचते ही पूरे रामचुआ गांव में मातम छा गया। पत्नी अर्चना देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार-बार यही कहकर बेहोश हो जा रही थीं कि अब बच्चों का पालन-पोषण कैसे होगा। वृद्ध पिता भवानंद सिंह भी गहरे सदमे में थे। परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम थीं। हर कोई इस असामयिक मौत को लेकर दुख व्यक्त कर रहा था।प्रवेश उर्फ पप्पू सिंह पांच भाइयों में दूसरे स्थान पर थे। उनके बड़े भाई दिवेश सिंह तथा छोटे भाई मुकेश, सिंटू और रुपेश सिंह हैं। सभी भाई अलग-अलग रोजगार से जुड़े हैं। ग्रामीणों ने बताया कि प्रवेश अपने परिवार के साथ गुजरात में रहते थे और केवल शादी-विवाह या अन्य पारिवारिक अवसरों पर ही गांव आया करते थे। उनकी अचानक हुई मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव के लोगों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिजनों को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।








